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परिषदीय विद्यालय: 1.30 लाख विद्यार्थियों को अब भी स्कूल ड्रेस का इंतजार, ठंड के मौसम में भी नहीं मिल सका है स्वेटर
Mon, 15 Nov 2021 02:59 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 15 Nov 2021 02:59 PM IST
सार
जिले के 2514 परिषदीय स्कूलों और कस्तूरबा विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की कुल संख्या 3 लाख 40 हजार है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : istock
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विस्तार
ठंड ने धीरे-धीरे अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं मगर अब भी जिले के परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले 1.30 लाख बच्चों को स्कूल ड्रेस, बैग, स्वेटर और जूता-मोजा का इंतजार है। शासन के निर्देश के बावजूद अब तक 2.10 लाख विद्यार्थियों के अभिभावकों के खाते में ही धनराशि प्रेषित की जा सकी है। ऐसे में शासन ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को 30 नवंबर तक धनराशि को प्रेषित करने का निर्देश दिया है। इसके बाद से विभाग ने छात्रों के आधार कार्ड के सत्यापन के काम में और तेजी लायी है।
जिले के 2514 परिषदीय स्कूलों और कस्तूरबा विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की कुल संख्या 3 लाख 40 हजार है। इन विद्यार्थियों को स्कूल ड्रेस, जूता मोजा, स्कूल बैग के मद में 1100-1100 रुपये की धनराशि प्रेषित की जानी है। शासन के निर्देश पर अभिभावकों के बैंक खातों के सत्यापन की प्रक्रिया गतिमान है। बीते छह नवंबर को सीएम योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में प्रदेश भर के विद्यार्थियों के अभिभावकों के खाते में धनराशि भेजी गई है। इसके तहत 1.20 लाख विद्यार्थियों के खाते में एक साथ धनराशि भेजी गई है। अब तक 2.10 लाख विद्यार्थियों को इसका लाभ मिला है।
स्कूल ड्रेस, जूता-मोजा, स्कूल बैग के मद 1100-1100 रुपये की धनराशि अभिभावकों के खाते भेजी जा रही है। जिन अभिभावकों के सत्यापन का कार्य पूरा हो गया है। उनके खाते में धनराशि भेज दी गई है। 30 नवंबर तक प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा। - आरके सिंह, बीएसए
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घनघना रहे फोन, रुपये आने की पूछताछ से शिक्षक हलकान
पूरे प्रदेश में डीबीटी के जरिये ड्रेस आदि सामग्री के लिए आई धनराशि अब बेसिक शिक्षकों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। सरकार ने सीधे इन्हें खातों में भेजने का दावा किया है लेकिन जिन छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में धनराशि नहीं आई है, वे शिक्षकों को फोन पर फोन मिला रहे हैं। शिक्षकों की मानें तो शनिवार तक कई फोन आ चुके हैं तो कई अभिभावक स्कूल आकर पूछताछ कर रहे हैं। इनका एक ही सवाल होता है हमारे खाते में रकम क्यों नहीं आई। शिक्षक इन्हें समझाते-समझाते परेशान हैं कि एक-दो दिन में धनराशि पहुंच जाएगी, लेकिन कुछ जिद पर अड़ जाते हैं। कुछ अभिभावक तो कहते हैं कि आपने बच्चे का नाम भेजा भी है या नहीं।
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जिले के 2514 परिषदीय स्कूलों और कस्तूरबा विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की कुल संख्या 3 लाख 40 हजार है। इन विद्यार्थियों को स्कूल ड्रेस, जूता मोजा, स्कूल बैग के मद में 1100-1100 रुपये की धनराशि प्रेषित की जानी है। शासन के निर्देश पर अभिभावकों के बैंक खातों के सत्यापन की प्रक्रिया गतिमान है। बीते छह नवंबर को सीएम योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में प्रदेश भर के विद्यार्थियों के अभिभावकों के खाते में धनराशि भेजी गई है। इसके तहत 1.20 लाख विद्यार्थियों के खाते में एक साथ धनराशि भेजी गई है। अब तक 2.10 लाख विद्यार्थियों को इसका लाभ मिला है।
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स्कूल ड्रेस, जूता-मोजा, स्कूल बैग के मद 1100-1100 रुपये की धनराशि अभिभावकों के खाते भेजी जा रही है। जिन अभिभावकों के सत्यापन का कार्य पूरा हो गया है। उनके खाते में धनराशि भेज दी गई है। 30 नवंबर तक प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा। - आरके सिंह, बीएसए
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घनघना रहे फोन, रुपये आने की पूछताछ से शिक्षक हलकान
पूरे प्रदेश में डीबीटी के जरिये ड्रेस आदि सामग्री के लिए आई धनराशि अब बेसिक शिक्षकों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। सरकार ने सीधे इन्हें खातों में भेजने का दावा किया है लेकिन जिन छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में धनराशि नहीं आई है, वे शिक्षकों को फोन पर फोन मिला रहे हैं। शिक्षकों की मानें तो शनिवार तक कई फोन आ चुके हैं तो कई अभिभावक स्कूल आकर पूछताछ कर रहे हैं। इनका एक ही सवाल होता है हमारे खाते में रकम क्यों नहीं आई। शिक्षक इन्हें समझाते-समझाते परेशान हैं कि एक-दो दिन में धनराशि पहुंच जाएगी, लेकिन कुछ जिद पर अड़ जाते हैं। कुछ अभिभावक तो कहते हैं कि आपने बच्चे का नाम भेजा भी है या नहीं।