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Manoj Bajpayee: बच्चों को पोषण देने वाली मुहिम से जुड़े मनोज बाजपेयी, लोगों से की यह मार्मिक अपील
Thu, 02 May 2024 08:54 AM IST
विशाल वर्मा
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: विशाल वर्मा
Updated Thu, 02 May 2024 08:54 AM IST
सार
आंदोलन से जुड़ते हुए मनोज बाजपेयी ने गुणवत्तापूर्ण भोजन की अहमियत के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि किसी इंसान को अपने सपनों को पूरा करने की ताकत भरे पेट और पौष्टिक खाने से आती है।
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मनोज बाजपेयी
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
बॉलीवुड अभिनेता मनोज बाजपेयी बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी एक मुहिम में शामिल हो गए हैं। इस मुहिम का नाम- 'अगर बचपन से पूछा खाना खाया, तो देश का कल बनाया' रखा गया है। यह आंदोलन नंद घर की ओर से शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक भोजन और उनके स्वास्थ्य की देखभाल करना है। वेदांता के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने मनोज बाजपेयी के इस मुहिम से जुड़ने पर उनका स्वागत किया और खुशी जताई।
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राष्ट्रीय आंदोलन है नंद घर
इस मौके पर अनिल अग्रवाल ने कहा कि नंद घर एक राष्ट्रीय आंदोलन है। यह बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण के अलावा महिलाओं के कल्याण का भी समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि मनोज की जिंदगी की कहानी, नंद घर के आने वाली पीढ़ियों को पोषित करने के मकसद से मेल खाती है। मालूम हो कि नंद घर अनिल अग्रवाल फाउंडेशन का प्रोजेक्ट है, जिसका उद्देश्य यह है कि कोई भी बच्चा भूखा न सोए। इस फाउंडेशन द्वारा पिछले साल एक न्यूट्री बार को लॉन्च किया था, जिसे वाराणसी की 1,364 आंगनबाड़ियों में 50,000 बच्चों को रोजाना खिलाया जाता है।
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मनोज ने बताई गुणवत्तापूर्ण भोजन की अहमियत
खुद मनोज बाजपेयी ने भी गुणवत्तापूर्ण भोजन की अहमियत के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि किसी इंसान को अपने सपनों को पूरा करने की ताकत भरे पेट और पौष्टिक खाने से आती है। उन्होंने लोगों से नंद घर का समर्थन करने, दान करने और उनके साथ काम करने की भी अपील की। मनोज बाजपेयी ने कहा कि भूख से जूझने वाले इंसान के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास पर इसका गहरा असर पड़ सकता है। ऐसे में नंद घर की मुहिम काफी अहम हैं। यह आंदोलन बच्चों के पोषण के साथ-साथ उनके बेहतर भविष्य को भी सुनिश्चित करता है।