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Pippa: गाने पर हुए विवाद पर आई पिप्पा के निर्माताओं की प्रतिक्रिया, कही यह बात

Mon, 13 Nov 2023 11:36 PM IST
मोहम्मद फायक अंसारी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: मोहम्मद फायक अंसारी Updated Mon, 13 Nov 2023 11:36 PM IST
सार

यह गीत पहली बार 1922 में 'बांग्लार कथा' (बंगाल की कहानियां) पत्रिका में प्रकाशित हुआ था और इस्लाम की कविताओं की पुस्तक 'भांगर गान' (मुक्त होने के गीत) में शामिल किया गया था।

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Pippa makers reaction on song controversy said Secured necessary adaptation rights
पिप्पा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

विस्तार

ईशान खट्टर की फिल्म 'पिप्पा' इन दिनों लगातार चर्चा में हैं। फिल्म में में 100 साल पुराने गाने का रीमेक करके हाल ही मे फिल्म के मेकर्स समेत इसके संगीतकार एआर रहमान सुर्खियों में आ गए थे। अब इस पूरे मामले पर फिल्म की टीम ने प्रतिक्रिया दी है।

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मेकर्स ने कही यह बात

सोमवार को टीम ने कहा कि 'पिप्पा' में 'करार ओय लोहो कोपट' की नई प्रस्तुति एक कलात्मक व्याख्या है और इसे आवश्यक अनुकूलन अधिकार हासिल करने के बाद तैयार किया गया है। इससे पहले कवि के पोते और चित्रकार काजी अनिर्बान ने दावा किया था कि परिवार ने निर्माताओं को गीत का उपयोग करने की अनुमति दी थी, लेकिन धुन और लय बदलने की नहीं। एक बयान में, आरएसवीपी और रॉय कपूर फिल्म्स की टीम ने कहा कि वह इस्लाम की मूल रचना का पूरा सम्मान करते हैं। इसमें आगे कहा गया है कि यह एल्बम बांग्लादेश की मुक्ति के पीछे के लोगों को श्रद्धांजलि के रूप में बनाया गया था। दरअसल, 'करार ओय लौहो कोपट' गाने को लेकर फिल्म पिप्पा के निर्माता, निर्देशक और संगीतकार यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि गाने की नई प्रस्तुति एक ईमानदार कलात्मक व्याख्या है, जिसे आवश्यक अनुकूलन हासिल करने के बाद ही तैयार किया गया है। बयान में कहा गया है कि हमारा इरादा श्रद्धांजलि देने का था।''

1922 में पहली बार प्रकाशित हुई था गीत

टीम की ओर से आगे कहा गया है कि हम दर्शकों के मूल रचना से जुड़ाव को समझते हैं। अगर हमारी व्याख्या में भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई है या किसी को परेशानी हुई है, तो इसके लिए माफी मांगते हैं।" बता दें कि यह गीत पहली बार 1922 में 'बांग्लार कथा' (बंगाल की कहानियां) पत्रिका में प्रकाशित हुआ था और इस्लाम की कविताओं की पुस्तक 'भांगर गान' (मुक्त होने के गीत) में शामिल किया गया था। इसे पहली बार 1949 में एक प्रसिद्ध लेबल द्वारा और फिर 1952 में एक अन्य रिकॉर्ड लेबल द्वारा रिकॉर्ड किया गया था। 
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