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Kalki koechlin: देव डी करने के बाद दो साल तक नहीं मिला कल्कि को काम, वड़ापाव खाकर किया गुजारा
Sat, 30 Nov 2024 02:10 PM IST
तनु चतुर्वेदी
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: तनु चतुर्वेदी
Updated Sat, 30 Nov 2024 02:10 PM IST
सार
कल्कि ने अपनी डेब्यू फिल्म देव डी के बाद इंडस्ट्री में अपने स्ट्रगल को लेकर कुछ खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि कैसे पैसे की कमी होने पर वे वड़ापाव खाती थीं और लोकल ट्रेन से सफर करती थीं।
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कल्कि केकलां
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
अभिनेत्री कल्कि ने अनुराग कश्यप की फिल्म 'देव डी' से अपने सिनेमा करियर की शुरुआत की। कल्कि ने अपने करियर के शुरुआती चुनौतियों के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि देव डी करने के दो साल तक उन्हें कोई फिल्म रोल ऑफर नहीं हुआ।
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कल्कि केकलां
- फोटो : इंस्टाग्राम
देव डी में नजर आईं कल्कि
कल्कि ने कहा कि उनकी प्रोफेशनल जर्नी काफी मुश्किलों भरी रही है। उन्होंने बताया कि 'देव डी' के बाद उनकी अगली फिल्म 'जिंदगी ना मिलेगी दोबारा' थी। उन्होंने कहा, "देव डी के ठीक बाद, मेरे पास लगभग दो साल तक कोई और फिल्म नहीं थी। मुझे लगता है कि अगली फिल्म जिंदगी ना मिलेगी दोबारा थी।"
कल्कि ने कहा कि उनकी प्रोफेशनल जर्नी काफी मुश्किलों भरी रही है। उन्होंने बताया कि 'देव डी' के बाद उनकी अगली फिल्म 'जिंदगी ना मिलेगी दोबारा' थी। उन्होंने कहा, "देव डी के ठीक बाद, मेरे पास लगभग दो साल तक कोई और फिल्म नहीं थी। मुझे लगता है कि अगली फिल्म जिंदगी ना मिलेगी दोबारा थी।"
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कल्कि केकलां
- फोटो : इंस्टाग्राम
वड़ा पाव खाकर रहती थीं कल्कि
कल्कि ने बताया कि इस दौरान उन्होंने थिएटर का काम किया, एक नाटक का निर्माण किया जिसमें उन्हें 1 लाख रुपये का पुरस्कार मिला। काम न मिलने के दौरान अपने खर्चों को कल्कि ने कैसे मैनेज किया। इस बारे में भी उन्होंने बताया कि वह वड़ा पाव जैसे किफायती भोजन पर निर्भर थी और आने-जाने के लिए लोकल ट्रेनों का इस्तेमाल करती थी। कल्कि ने कहा कि लोग मुझे जानते हैं और मेरा चेहरा देखते ऐसे देखते तो आश्चर्य करते थे कि मैं बिना बॉडीगार्ड के कैसे बाहर निकल सकती हूं।
कल्कि ने बताया कि इस दौरान उन्होंने थिएटर का काम किया, एक नाटक का निर्माण किया जिसमें उन्हें 1 लाख रुपये का पुरस्कार मिला। काम न मिलने के दौरान अपने खर्चों को कल्कि ने कैसे मैनेज किया। इस बारे में भी उन्होंने बताया कि वह वड़ा पाव जैसे किफायती भोजन पर निर्भर थी और आने-जाने के लिए लोकल ट्रेनों का इस्तेमाल करती थी। कल्कि ने कहा कि लोग मुझे जानते हैं और मेरा चेहरा देखते ऐसे देखते तो आश्चर्य करते थे कि मैं बिना बॉडीगार्ड के कैसे बाहर निकल सकती हूं।
कल्कि केकलां
- फोटो : इंस्टाग्राम
कल्कि इसलिए करती है ये काम
कल्कि ने बताया कि वह उन शुरुआती दिनों से ज्यादा समझदार हुई हैं। अब वह जो काम स्वीकार करती है, उसके बारे में अधिक समझदार है। उसने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि उसने कुछ काम केवल वित्तीय कारणों से किए हैं, विशेष रूप से कॉर्पोरेट इवेंट्स। ये इवेंट्स वे इसलिए करती हैं कि इससे उन्हें आर्थिक मुआवजा मिल सके।
कल्कि ने बताया कि वह उन शुरुआती दिनों से ज्यादा समझदार हुई हैं। अब वह जो काम स्वीकार करती है, उसके बारे में अधिक समझदार है। उसने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि उसने कुछ काम केवल वित्तीय कारणों से किए हैं, विशेष रूप से कॉर्पोरेट इवेंट्स। ये इवेंट्स वे इसलिए करती हैं कि इससे उन्हें आर्थिक मुआवजा मिल सके।