क्या इस बार विवाद लेकर आएगी 'गरम हवा'?
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जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बंटवारे के दर्द को बयां करती ‘गरम हवा’ आने वाली है।
भारत-पाक विभाजन के बाद मुस्लिम परिवारों को यहां हुईं दिक्कतों को बयां करती फिल्म गरम हवा 14 नवंबर को दिल्ली समेत देश के 9 शहरों में रिलीज होगी। निर्माण (1973) के करीब 40 साल बाद गरम हवा को डिजिटल तकनीक से नया जीवन दिया गया है।
लंदन में सिख साम्राज्य के अंतिम महाराजा पर बन रही फिल्म की शूटिंग में व्यस्त अभिनेत्री शबाना आजमी ने मंगलवार को ट्वीट कर गरम हवा की रिलीज की जानकारी दी।
उनके पिता कैफी आजमी ने इस्मत चुगताई की अप्रकाशित कहानी पर बनी इस फिल्म की पटकथा लिखी थी।
फिल्म को सेंसर बोर्ड से पास होने में आठ माह लग गए थे क्योंकि सांप्रदायिक सद्भाव बिगड़ने का खतरा था। हालांकि फिल्म ने दर्शकों का दिल जीता और सद्भावना के लिए नेशनल अवार्ड हासिल किया।
बंटवारे के दर्द की कहानी कहती है फिल्म
गरम हवा में आगरा के सलीम मिर्जा (बलराज साहनी) और उनके भाई (दीनानाथ जुत्शी) के बीच बंटवारे के बाद पाक जाने और न जाने की जद्दोजहद की कहानी है।
इस फिल्म के जरिए सिनेमैटोग्राफर इशान आर्य ने आगरा और फतेहपुर सीकरी की जो नैसर्गिक खूबसूरती कैमरे में 40 साल पहले कैद की थी, उसे लोग एक फिर देख सकेंगे।
अब यह देखना होगा कि आज की पीढ़ी इस फिल्म के विषय से खुद को कनेक्ट कर पाती है या नहीं? फिल्म चुनिंदा मल्टीप्लेक्सों में ही रिलीज होगी।