बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

पाक खुफिया एजेंसी भी खा गई धोखा: आईएसआई भी समझ बैठी नकली कैप्टन शेखर को असली, लड़कियों से करा दी दोस्ती

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Sat, 19 Jun 2021 09:43 PM IST

सार

सूत्रों का कहना है कि दिलीप पाकिस्तान के नंबरों पर वर्दी पहनकर वीडियो और ऑडियो कॉल करता था। उसके मोबाइल से इसके सबूत मिले हैं। कहीं ऐसा तो नहीं कि आरोपी ने देश की महत्वपूर्ण जानकारियां पाक खुफिया एजेंसी या उसके एजेंटों को सौंप दी हैं, इसकी पड़ताल की जा रही है।
विज्ञापन
सेना में कैप्टन बताने वाला सिक्योरिटी गार्ड दिलीप कुमार
सेना में कैप्टन बताने वाला सिक्योरिटी गार्ड दिलीप कुमार - फोटो : amar ujala
ख़बर सुनें

विस्तार

खुद को सेना में कैप्टन बताने वाले सिक्योरिटी गार्ड दिलीप कुमार के हावभाव से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई भी उसके झांसे में आ गई। आईएसआई नकली कैप्टन शेखर को सेना का असली अधिकारी समझ बैठी और उसने दिलीप को हनीट्रेप में फंसा लिया। 
विज्ञापन


सूत्रों का कहना है कि दिलीप पाकिस्तान के नंबरों पर वर्दी पहनकर वीडियो और ऑडियो कॉल करता था। उसके मोबाइल से इसके सबूत मिले हैं। कहीं ऐसा तो नहीं कि आरोपी ने देश की महत्वपूर्ण जानकारियां पाक खुफिया एजेंसी या उसके एजेंटों को सौंप दी हैं, इसकी पड़ताल की जा रही है। हालांकि दक्षिण जिला के पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर इन सभी खबरों से इनकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि आरोपी पाक की खुफिया एजेंसी के संपर्क में नहीं था। फिलहाल शनिवार को उसे अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उसे दो दिन की पुलिस रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया। अब उससे पूछताछ जारी है।


सूत्रों का कहना है कि नकली कैप्टन शेखर के मोबाइल से पुलिस को कई पाकिस्तानी नंबर मिले हैं। आरोपी शेखर लगातार इनके संपर्क में था। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ने शेखर को असली सेना अधिकारी समझकर उसकी कई लड़कियों से दोस्ती करवा दी थी। लगातार वह उनके संपर्क में भी था। पुलिस ने देश की सभी सुरक्षा एजेंसियों को इसकी जानकारी भी दे दी है। 

सूत्रों का कहना है कि नकली कैप्टन से मिलेट्री इंटेलिजेंस के अलावा स्पेशल सेल और आईबी की टीम पूछताछ कर रही है। उसके मोबाइल से डाटा रिकवरी के लिए उसे एफएसएल लैब भेजा गया है। इसके अलावा उसके सोशल मीडिया अकाउंट की बारीकी से जांच की जा रही है। 
 
सूत्रों का कहना है कि इस बात की आशंका कम ही है कि नकली सेना अधिकारी ने देश का महत्वपूर्ण डाटा पड़ोसी देश की खुफिया एजेंसी को दिया हो, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसकी भी जांच करना चाहती हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि ऐसा लगता है कि बस मौज मस्ती करने के लिए ही आरोपी लड़कियों से दोस्ती करता था। लेकिन विदेशी लिंक आने के बाद इसकी पूरी पड़ताल की जाएगी।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X