{"_id":"5e0f9b488ebc3e87f030789f","slug":"forged-by-the-name-of-mlt-training-fees-ashram-news-noi483445017","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरएमएल अस्पताल कर्मी पर एमएलटी ट्रेनिंग की फीस के घोटाले का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरएमएल अस्पताल कर्मी पर एमएलटी ट्रेनिंग की फीस के घोटाले का आरोप
Sat, 04 Jan 2020 05:20 AM IST
नोएडा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jan 2020 05:20 AM IST
विज्ञापन
आरएमएल अस्पताल
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) में एमएलटी कोर्स की फीस के लाखों रुपये के गबन का मामला सामने आया है। नर्सिंग का कोर्स करने के लिए बच्चों ने फीस जमा करवाई थी लेकिन एमटीएस कर्मचारी ने इसे सरकारी खाते में जमा करवाने के बजाय खुद रख लिया।
विज्ञापन
घोटाला सामने आया तो अस्पताल प्रशासन ने इसकी शिकायत दिल्ली पुलिस को दी। करीब एक सप्ताह की जांच के बाद नार्थ एवेन्यू थाना पुलिस ने गुरुवार को इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली। इस एफआईआर में आरएमएल के एक कर्मचारी सोहित तोमर को नामजद किया गया है लेकिन अभी उसे गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस अन्य कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर रही है।
विज्ञापन
जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरएमएल अस्पताल छह महीने की नर्सिंग ट्रेनिंग (एमएलटी) कराता है। नर्सिंग का कोर्स करने वाले युवा इस ट्रेनिंग को करते हैं। इस ट्रेनिंग के लिए करीब 45 बच्चों ने आवेदन किया था। करीब 43 बच्चों ने ट्रेनिंग के लिए लाखों रुपये जमा कराए थे।
विज्ञापन
एक बच्चे से तीन हजार से पांच हजार रुपये लिए गए। बच्चे जब ट्रेनिंग के लिए पहुंचे तो इस घोटाले का खुलासा हुआ। आरएमएल के उप निदेशक (प्रशासन) पंकज कुमार सिन्हा ने नार्थ एवेन्यू थाना पुलिस को शिकायत देकर कहा कि अस्पताल के एमटीएस कर्मचारी सोहित तोमर ने सरकारी पैसे का गबन किया है।
अस्पताल की शुरूआती जांच में ये बात सामने आई है कि सोहित कुमार ने एमएलटी ट्रेनिंग के नाम पर 43 बच्चों से लिए लाखों रुपये सरकारी खाते में जमा नहीं करवाए। उसने यह रकम अपने पास रख ली। इतना ही नहीं, उसने पैसे जमा कराने वाले बच्चों को फर्जी पर्ची भी दी थी।