नौकरशाह बनने जा रही जैनब की अनूठी कहानी
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जामिया मिल्लिया इस्लामिया की छात्रा और कोलकाता निवासी जैनब सैयद ने भारतीय प्रशासनिक सेवा में 107वीं रैंक हासिल की है। जैनब पेशे से रिपोर्टर हैं और इन दिनों टेलीग्राफ के लिए काम करती हैं।
जैनब कहती हैं कि यदि भारतीय प्रशासनिक सेवा में सफलता न मिलती तो रिपोर्टर बनकर समाज की सेवा करती। मैं बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का संदेश जन-जन तक पहुंचाना चाहती हूं।
मैं एक मध्यम वर्गीय परिवार की बेटी हूं। मेरा बचपन से सपना था कि भारतीय प्रशासनिक सेवा या फिर रिपोर्टर बनकर समाज के उद्धार के लिए काम करूंगी। इसीलिए मैंने सिविल सेवा की तैयारी के साथ-साथ कनवर्जन जर्नलिज्म की मास्टर डिग्री भी हासिल की।
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इसी बीच टेलीग्राफ में नौकरी मिल गई और उधर, सिविल सेवा में चयन। हालांकि सिविल सेवा के साथ-साथ में रिपोर्टर वाली समाज सेवा का जज्बा साथ में रखते हुए बेटियों को आगे बढ़ाने पर काम करूंगी।
इसके अलावा समाज में जागरूकता फैलाऊंगी, ताकि लोग कन्या भ्रूण हत्या न करें। सरिता विहार निवासी भानू प्रभा की 160वीं रैंक आई है और उनका चयन आईएएस के लिए हुआ है।
भानू की मां न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी के सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल हैं और पिता रिटायर्ड बैंक अधिकारी। बीटेक पास भानू इन दिनों बड़ौदा में रेलवे सर्विसेज की ट्रेनिंग ले रही हैं। हालांकि आईएएस में सेलेक्शन के बाद वे रेलवे सर्विस छोड़ देंगी।