Delhi: पांच दिनों तक घर में ही कैदी की तरह रहा युवक, बैंक खाता भी होता रहा साफ...जेब को लग गई 44.50 लाख की चोट
पूर्वी जिला की साइबर थाना पुलिस ने चारों आरोपियों को राजस्थान के अलग-अलग शहरों से दबोचा है। वारदात में इस्तेमाल चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। कंबोडिया में बैठे मास्टरमाइड के इशारे पर पूरा गिरोह चल रहा था।
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दिल्ली के मयूर विहार में रहने वाले एक युवक को कंबोडिया में बैठे साइबर ठगों ने पांच दिन डिजिटल अरेस्ट कर 44.50 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित को जब ठगी का अहसास हुआ तो उसने मामले की सूचना पुलिस को दी। साइबर थाना पुलिस ने छानबीन के बाद मामला दर्ज किया।
जांच के बाद पुलिस ने इस मामले में राजस्थान के अलग-अलग स्थानों से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान दिनेश सिंगाडिया (26), प्रशांत वर्मा (24), प्रकाश चौधरी (21) और गजेंदर कुमार (23) के रूप में हुई है। इन लोगों ने ठगी की रकम को ठिकाने लगाया था। गिरोह बैंक खातों का इंतजाम कर रुपयों को विदेश भेजते थे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस को गिरोह के मुख्य सरगना महेश नेहरा समेत कई अन्य की तलाश है। पकड़े गए आरोपियों में प्रकाश चौधरी एमएनआईटी का पूर्व छात्र है जबकि गजेंदर कुमार बीएससी करने के बाद सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा था। पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त अभिषेक धानिया ने बताया कि मयूर विहार निवासी वीरेंद्र कुमार इंदोरा के साथ ठगी हुई थी। वीरेंद्र को 29 जनवरी को अज्ञात मोबाइल नंबर से व्हाट्सएप वीडियो कॉल आई थी। आरोपियों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर धमकाया कि उन्होंने जो संपत्ति खरीदी है उसकी जानकारी सरकार को नहीं दी है।
अब उसे डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है। पांच दिनों तक पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट रखा गया और उनसे 44.50 लाख रुपये अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिया। वीरेंद्र की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। जांच के दौरान टीम को पता चला ठगी के 38 लाख रुपये जयपुर स्थित एयू बैंक में दिनेश नामक एक व्यक्ति के खाते में भेजे गए हैं।
सारी रकम को चेक के जरिये निकाल लिया गया। पुलिस ने खाते ही जानकारी जुटाई। उसके बाद पांच मार्च को महेश को जयपुर से गिरफ्तार कर लिया गया। दिनेश से पूछताछ के बाद इसके तीन अन्य साथियों को भी दबोच लिया गया। दिनेश ने दो फीसदी रकम पर अपना खाता ठगी की रकम के लिए किराये पर दिया हुआ था।
ऐसे ठगी को दिया जा रहा था अंजाम
गैंग का सरगना महेश कंबोडिया में बैठे साइबर ठगों के संपर्क में था। महेश राजस्थान में लोगों से बैंक खातों का इंतजाम करता था। इन खातों में ठगी की रकम भेजकर विदेश में बैठे ठगों के पास पहुंचा दी जाती थी। बदले में महेश को मोटा कमिशन मिलता था। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।