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Delhi NCR News: मांझे से कटी युवक की गर्दन, ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने समय पर अस्पताल पहुंचाकर बचाई जान
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गाजियाबाद के लिए उपयोगी
-दिल्ली-देहरादून हाइवे पर न्यू उस्मानपुर पहला पुश्ता के पास हुआ हादसा
-अचानक मांझा गले में फंंसा और गर्दन में हो गया गहरा घाव, गर्दन से तेजी से खून बहने लगा
-वहां मौजूद ट्रैफिक पुलिस के जवानों ने बिना देर किए युवक को पहले नजदीक जग प्रवेश चंद्र अस्पताल पहुंचाया
-बाद में खुद ही ले गए जीटीबी अस्पताल, वहां हुआ उपचार
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली।
उत्तर-पूर्वी दिल्ली इलाके में दिल्ली-देहरादून हाइवे से पहले पुश्त पर उतरते समय स्कूटी सवार युवक प्रतिबंधित मांझे की चपेट में आकर बुरी तरह जख्मी हो गया। मांझा युवक की गर्दन में उलझा और उसकी गर्दन पर गहरा कट गया। पीड़ित राकेश कुमार (26) ने किसी तरह अपनी स्कूटी रोकी और वह जमीन पर गिर गए। उसकी गर्दन से तेज खून बहने लगा। वहां पास में मौजूद दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के जवानों ने जब युवक की हालत देखी तो बिना देर किए उन्होंने एक कैब चालक को रोका और खुद ही युवक को लेकर नजदीकी जग प्रवेश चंद्र अस्पताल भागे। युवक की हालत देखकर उसे फौरन जीटीबी अस्पताल रेफर कर दिया गया।
ट्रैफिक पुलिस के जवान फौरन युवक को जीटीबी अस्पताल पहुंचे। समय पर अस्पताल ले जाने की वजह से युवक की जान बच गई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने युवक की जान बचाने वाली पूरी टीम की जमकर तारीफ की है। युवक का परिवार भी पुलिस कर्मियों का धन्यवाद करते नहीं थक रहा है। पूर्वी रेंज की ट्रैफिक पुलिस उपायुक्त श्वेता चौहान ने बताया कि पीड़ित राकेश कुमार परिवार के साथ गीतांजलि विहार, लोनी, गाजियाबाद में रहते हैं। इनका अपना कारोबार है। शनिवार को यह काम के सिलसिले में घर से चांदनी चौक जा रहे थे। पीड़ित अपनी स्कूटी से देहरादून हाइवे पर थे। इस बीच पहले पुश्ते से यह नीचे उतरने लगे।
इस बीच इनके गले में प्रतिबंधित मांझा उलझ गया। इससे इनके गले पर गहरा घाव हो गया और खून बहने लगा। राकेश गिर गया। वहीं पास में इंस्पेक्टर विकास कुमार, एएसआई महेंद्र व अन्यों के साथ वाहनों की जांच कर रहे थे। उन्होंने राकेश को गिरते हुए देखा तो वह टीम के साथ भागकर वहां पहुंचे। फौरन अपने हवलदार अरुण, सिपाही पुष्पेंद्र और नितिन की मदद से घायल राकेश को अस्पताल पहुंचाया। बाद में लोकल पुलिस के अलावा उसके परिवार को खबर दी गई। युवक का परिवार भी वहां पर पहुंच गया। बाद में लोकल पुलिस वहां पहुंच गई। समय पर इलाज मिलने की वजह से उसकी जान बच गई। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने आम लोगों से प्रतिबंधित मांझे का इस्तेमाल, बिक्री और भंडारण न करने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि यह मांझा लोगों की जान के लिए खतरा है। यह पैदल चलने वालों के साथ-साथ सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है।
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-दिल्ली-देहरादून हाइवे पर न्यू उस्मानपुर पहला पुश्ता के पास हुआ हादसा
-अचानक मांझा गले में फंंसा और गर्दन में हो गया गहरा घाव, गर्दन से तेजी से खून बहने लगा
-वहां मौजूद ट्रैफिक पुलिस के जवानों ने बिना देर किए युवक को पहले नजदीक जग प्रवेश चंद्र अस्पताल पहुंचाया
-बाद में खुद ही ले गए जीटीबी अस्पताल, वहां हुआ उपचार
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली।
उत्तर-पूर्वी दिल्ली इलाके में दिल्ली-देहरादून हाइवे से पहले पुश्त पर उतरते समय स्कूटी सवार युवक प्रतिबंधित मांझे की चपेट में आकर बुरी तरह जख्मी हो गया। मांझा युवक की गर्दन में उलझा और उसकी गर्दन पर गहरा कट गया। पीड़ित राकेश कुमार (26) ने किसी तरह अपनी स्कूटी रोकी और वह जमीन पर गिर गए। उसकी गर्दन से तेज खून बहने लगा। वहां पास में मौजूद दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के जवानों ने जब युवक की हालत देखी तो बिना देर किए उन्होंने एक कैब चालक को रोका और खुद ही युवक को लेकर नजदीकी जग प्रवेश चंद्र अस्पताल भागे। युवक की हालत देखकर उसे फौरन जीटीबी अस्पताल रेफर कर दिया गया।
ट्रैफिक पुलिस के जवान फौरन युवक को जीटीबी अस्पताल पहुंचे। समय पर अस्पताल ले जाने की वजह से युवक की जान बच गई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने युवक की जान बचाने वाली पूरी टीम की जमकर तारीफ की है। युवक का परिवार भी पुलिस कर्मियों का धन्यवाद करते नहीं थक रहा है। पूर्वी रेंज की ट्रैफिक पुलिस उपायुक्त श्वेता चौहान ने बताया कि पीड़ित राकेश कुमार परिवार के साथ गीतांजलि विहार, लोनी, गाजियाबाद में रहते हैं। इनका अपना कारोबार है। शनिवार को यह काम के सिलसिले में घर से चांदनी चौक जा रहे थे। पीड़ित अपनी स्कूटी से देहरादून हाइवे पर थे। इस बीच पहले पुश्ते से यह नीचे उतरने लगे।
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इस बीच इनके गले में प्रतिबंधित मांझा उलझ गया। इससे इनके गले पर गहरा घाव हो गया और खून बहने लगा। राकेश गिर गया। वहीं पास में इंस्पेक्टर विकास कुमार, एएसआई महेंद्र व अन्यों के साथ वाहनों की जांच कर रहे थे। उन्होंने राकेश को गिरते हुए देखा तो वह टीम के साथ भागकर वहां पहुंचे। फौरन अपने हवलदार अरुण, सिपाही पुष्पेंद्र और नितिन की मदद से घायल राकेश को अस्पताल पहुंचाया। बाद में लोकल पुलिस के अलावा उसके परिवार को खबर दी गई। युवक का परिवार भी वहां पर पहुंच गया। बाद में लोकल पुलिस वहां पहुंच गई। समय पर इलाज मिलने की वजह से उसकी जान बच गई। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने आम लोगों से प्रतिबंधित मांझे का इस्तेमाल, बिक्री और भंडारण न करने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि यह मांझा लोगों की जान के लिए खतरा है। यह पैदल चलने वालों के साथ-साथ सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है।
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