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नर्सरी एडमिशन के लिए नही देना होगा डोनेशन!
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Mon, 13 Jan 2014 12:03 PM IST
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राजधानी में शैक्षणिक सत्र 2014-15 के तहत निजी स्कूलों में नर्सरी दाखिलों के दौरान कैपिटेशन फीस लेना या अभिभावकों की स्क्रीनिंग करना महंगा पड़ेगा।
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दाखिले के नाम पर कैपिटेशन फीस वसूलने वाले स्कूलों पर वसूले गए रकम की दस गुणा पेनल्टी लगाई जाएगी। साथ ही मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा कानून की धाराओं तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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अतिरिक्त शिक्षा निदेशक डॉ मधु तेवतिया की ओर से निजी स्कूलों को जारी आदेश में यह बात कही गई है। आदेश में दाखिलों के दौरान डोनेशन व कैपिटेशन फीस मांगने और बच्चों व अभिभावकों की स्क्रीनिंग (इंटरव्यू) करने की मनाही की गई है।
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इसके लिए स्कूलों को मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा कानून 2009 के सेक्शन-13 का हवाला दिया गया है। जिसमें साफ किया गया है कि यदि स्कूल कैपिटेशन फीस वसूलता है तो इसे दंडनीय माना जाएगा। स्कूलों को जारी आदेश का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री पहले ही डोनेशन मांगने पर आरटीई के प्रावधानों के तहत दस गुना पेनल्टी लगाने की बात कह चुके हैं।
बताते चलें कि हर वर्ष निजी स्कूल दाखिले के नाम पर कैपिटेशन फीस की मांग करते हैं। साथ ही बच्चों व अभिभावकों की स्क्रीनिंग भी करते हैं। स्कूलों की ऐसी मनमानी को रोकने के लिए निदेशालय ने दाखिला प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही स्कूलों के खिलाफ शिकंजा कस दिया है।
हर सीट पर होगी कड़ी टक्कर
नर्सरी दाखिले की रेस 15 जनवरी से शुरू होने जा रही है। इसे देखते हुए स्कूलों ने अपना क्राइटेरिया व शेड्यूल जारी कर दिया है। साथ ही सीटों का गणित भी बिठा लिया है। सीटों का जोड़-भाग करते हुए कुछ स्कूलों ने कुल सीटों की जानकारी के साथ आर्थिक पिछड़े वर्ग के लिए भी सीटों की जानकारी देनी शुरू कर दी है। दाखिले से पहले अभिभावकों को सीटों की जानकारी लेनी होगी, जिससे वह देख सकें कि दाखिला मिल पाएगा या नहीं।
निजी स्कूलों ने 100 प्वाइंट सिस्टम के तहत ही सीटों का तालमेल बिठाया है। स्कूलों ने सामान्य (ओपन सीट) से लेकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, स्टॉफ कोटे से लेकर गर्ल चाइल्ड के लिए सीटों की श्रेणियां बनाई हैं। गाइडलाइन के मुताबिक आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग में ड्रा के जरिए दाखिला होगा।
जबकि जनरल कैटेगरी के लिए प्वाइंट सिस्टम पर ही दाखिले होंगे। जिसमें अधिक आवेदन आने पर लॉटरी करने जैसी स्थिति बन सकती है। लिहाजा सामान्य की एक-एक सीट पर कड्ी टक्कर होगी।
मॉडर्न स्कूल द्वारका में इस वर्ष कुल 252 सीटों पर दाखिला होगा। जिसमें से सामान्य श्रेणी के सीटों की संख्या164 है। आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए कुल सीटों में से 63 सीटें रखी गई हैं। इसी तरह से गर्ल चाइल्ड के लिए 13 व स्टॉफ कोटे के तहत कुल सीटों में से 12 सीटें निर्धारित की हैं।
न्यू फ्रैंडस कॉलोनी स्थित कैंब्रिज स्कूल में कुल 120 सीटें हैं। जिसमें से ओपन कैटेगरी में 78 व गर्ल कोटे के तहत 6, व स्टॉफ कोटे के तहत 6 सीटें निर्धारित की गई हैं। वहीं आर्थिक पिछड़े वर्ग के लिए 25 फीसदी कोटे के मुताबिक 30 सीटें निर्धारित की हैं। इसी तरह से रोहिणी स्थित प्रेसटिजियस कॉन्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने केवल कुल सीटों की जानकारी के साथ सामान्य व आर्थिक पिछड़े वर्ग की सीटों की जानकारी दी है।
यहां कुल 80 सीटें हैं जिसमें से 60 सीटें सामान्य की व बाकी पिछड़े वर्ग की हैं। इसी तरह से डीएवी पब्लिक स्कूल वसंत कुंज में कुल 105 सीट हैं जिसमें से सामान्य की 69 सीट, गर्ल कोटे की 5, स्टॉफ कोटे की 5, पिछड़े वर्ग की 26 सीटे तय हैं।
उल्लेखनीय है कि इस बार स्कूलों में मैनेजमेंट कोटा समाप्त होने से 65 फीसदी सीटें ओपन सीट होंगी जिन पर सामान्य दाखिले होंगे जबकि गर्ल चइाल्ड के लिए पांच फीसदी कोटा व पांच फीसदी कोटा स्टॉफ व 25 फीसदी कोटा आर्थिक पिछड़े वर्ग के लिए निर्धारित की गई हैं।
नर्सरी दाखिले के जानकारों का कहना है कि ज्यादा से ज्यादा स्कूलों में आवेदन करें लेकिन इसके साथ ही पहले स्कूल में सीटों की स्थिति की जानकारी भी लें। इससे अभिभावकों को अपने बच्चे के दाखिले का अंदाजा हो जाएगा।