यमुना एक्सप्रेस पर 25 नवंबर को ई हाइवे का ट्रायल, केंद्रीय मंत्री सारंगी करेंगे कार्यक्रम में शिरकत
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यमुना एक्सप्रेसवे को ई-हाईवे की शक्ल देने के लिए 25 नवंबर को ट्रायल शुरू होगा। नेशनल हाइवे इलेक्ट्रिक व्हीकल (एनएचईवी) कार्यक्रम के तहत एडवांस्ड सर्विसेज फॉर सोशल एंड एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म्स (एस्सार) की ओर से ट्रायल की घोषणा की। ट्रायल के दौरान केंद्रीय एमएसएमई मंत्री प्रताप चंद सारंगी शामिल होंगे। पहले ई हाइवे का ट्रायल अप्रैल में किया जाना था, लेकिन लॉकडाउन के कारण इसे स्थगित कर दिया गया। केंद्रीय मंत्री इलेक्ट्रिक साइकिल से इंडिया गेट पहुंचेंगे, इसके बाद उन्हें इलेक्ट्रिक कार से कार्यक्रम स्थल तक ले जाया जाएगा।
सोमवार को केंद्रीय मंत्री प्रताप चंद सारंगी ने इलेक्ट्रिक बाइक के ट्रायल के दौरान कहा कि मुझे इस बात की बेहद खुशी है कि एस्सार के सहयोग से स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस से पहले उनकी असीम ऊर्जा को समर्पित अटल विद्युत मार्ग का 2020 में ही ट्रायल किया जा रहा है।
संस्था एस्सार के कार्यक्रम निदेशक अभिजीत सिन्हा ने बताया कि ट्रायल के लिए केंद्रीय मंत्री, सांसदों सहित अन्य अतिथियों को इंडिया गेट से यमुना एक्सप्रेस वे स्थित कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने के लिए चार इलेक्ट्रिक कारें, आठ ई बाइक और दो इलेक्ट्रिक बसे रवाना होंगी। इसके बाद एन्यूटी हाइब्रिड ई-मोबिलिटी (ए.एच.ई.एम) तकनीक को प्रदर्शित करने के बाद दिल्ली-आगरा एक्सप्रेस वे पर वाहनों को रवाना किया जाएगा।
90 दिनों में तैयार होगा ई हाइवे
परियोजना निदेशक ने बताया कि ऊर्जा मंत्रालय की ओर से 2018 में चार्जिंग स्टेशन की घोषणा के बाद 2020 में बैटरी और वाहनों की अलग अलग बिक्री की अनुमति मिलने से ई हाइवे से यात्रा काफी सुलभ और किफायती होगी। हाइवे पर इलेक्ट्रिक वाहनों को 30 मिनट में तकनीकी सहायता उपलब्ध होगी जबकि 30 फीसदी कम कीमत पर वाहन उपलब्ध होंगे जबकि चार्जिंग स्टेशन पर होने वाले खर्च की वापसी तीन वर्षोँ में हो जाएगी। एक्सप्रेस वे को बगैर कोई सब्सिडी या अनुदान के 90 दिनों में पूरा किया जा सकेगा।