'बीजेपी सामने और कांग्रेस पीछे से करती है वार'
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जामा मस्जिद के शाही इमाम अहमद बुखारी की ओर से कांग्रेस को समर्थन देने पर उनके छोटे भाई याहया बुखारी बिफर उठे। उन्होंने इसको कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ हुई डील करार देते हुए एक सप्ताह में इसके खुलासे का ऐलान किया।
जामा मस्जिद परिसर में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गैर कांग्रेसी राज्यों में अब दंगे-फसाद कराने की साजिश है।
भाजपा मुस्लिमों पर सामने से वार करती है और कांग्र्रेस पीछे से। दोनों में कोई फर्क नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मुसलमानों से सिर्फ वादाखिलाफी की है।
अटल, मुलायम पर वादाखिलाफी का आरोप
गुजरात में मुसलमानों के साथ जो हुआ, वह पूरी दुनिया जानती है और वह इस मामले में भाजपा से भी आगे है। सोनिया गांधी और शाही इमाम की प्रेस कांफ्रेंस एक साथ होनी चाहिए थी, न की अकेले।
उन्होंने सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव, बसपा सुप्रीमो मायावती और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पर भी वादाखिलाफी का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि भले ही मुस्लिम नरेंद्र मोदी को वोट न करें, लेकिन विकास के नाम पर वोट जरूर करना चाहिए।
कपिल सिब्बल पर साधा निशाना
इस दौरान उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कपिल सिब्बल पर भी निशाना साधा। उन्होंने एक साल पहले इजराइल के प्रधानमंत्री केसाथ हुई उनकी मुलाकात की फोटो को मीडिया के सामने रखा।
याहया बुखारी ने कहा कि इजराइल में मुस्लिमों के घोर विरोधी यहूदी रहते हैं और मुसलमानों को कमजोर करने के लिए यह मुलाकात की गई थी। मुजफ्फरनगर में हुए दंगे और पीड़िताें की तुरंत सहायता न करने पर सपा और कांग्रेस को समान रूप से दोषी ठहराया गया।
उन्होंने कहा कि पहले के मुकाबले देश के मुसलमानों में अधिक जागरूकता आई है और लोग अच्छी तरह से जान चुके हैं कि किसे वोट करनी है। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल की बात होने पर उन्होंने टाल दिया।