पूछताछ के डर से यादव सिंह के करीबी ठेकेदार डरे
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प्राधिकरण के निलंबित इंजीनियर यादव सिंह पर सीबीआई का शिकंजा कसने से उनके करीबियों की नींद उड़ी हुई है। ठेकेदारों की हालत ऐसी हो गई है कि वे एक जगह टिक नहीं रहे हैं और भय सताता रहता है कि पता नहीं कब सीबीआई दस्तक दे दे।
हालांकि, करीबी ठेकेदारों को काली कमाई से खरीदी गई संपत्ति को ठिकाने लगाने का मौका मिल गया, जिनके पास तीन-चार गाड़ियां थी, अब एक ही रखी है।
नवंबर 2014 में जब यादव सिंह के यहां आयकर विभाग का छापा पड़ा था तो ठेकेदारों की लिस्ट भी अधिकारियों के हाथ लग गई थी।
700 फाइलों को सीबीआई कब्जे में ले चुकी है
साथ ही, प्राधिकरण से करीब 700 फाइलों को सीबीआई कब्जे में ले चुकी है। सूत्रों का कहना है कि 2002 से 2015 तक कई ऐसे ठेकेदार हैं, जिनका प्राधिकरण में सिक्का चलता रहा है।
वे ढेर सारे टेंडरों को हथियाते रहे और स्कूटर से चलने वाले ठेकेदार कब करोड़पति बन गए, समय ही नहीं लगा। फिलहाल, इन दिनों नोएडा के करीब दो दर्जन ठेकेदार काफी परेशान हैं।
जब से सीबीआई ने यादव सिंह व उनके परिजनों से पूछताछ शुरू की है, उन्हें लगने लगा है कि उनका नंबर भी जल्दी आने वाला है।