यादव सिंह मामले में बढ़ेगा जस्टिस वर्मा आयोग का कार्यकाल!
नोएडा प्राधिकरण के निलंबित चीफ इंजीनियर यादव सिंह प्रकरण की जांच कर रहे जस्टिस वर्मा आयोग का कार्यकाल और बढ़ सकता है।
सोमवार को नोएडा पहुंचे आयोग के अध्यक्ष जस्टिस अमरनाथ वर्मा ने सेक्टर-15ए स्थित शिविर कार्यालय मीडिया से मुखातिब हुए।
उन्होंने जांच पूरी न हो पाने के कारण अवधि बढ़ाए जाने की बात कही है।
दरअसल, यादव सिंह प्रकरण की जांच करने के लिए प्रदेश सरकार ने 10 फरवरी को हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जस्टिस अमरनाथ वर्मा की अध्यक्षता में एक सदस्यीय आयोग का गठन किया था।
आयोग को छह माह में जांच रिपोर्ट देनी थी। यह अवधि 10 अगस्त तक पूरी हो जाएगी, जबकि जांच अभी पूरी नहीं हो सकी है। एक सवाल के जवाब में जस्टिस वर्मा ने कहा कि जांच में अभी वक्त लगेगा, लेकिन इसकी कोई निश्चित समय सीमा नहीं बताई जा सकती।
तीन अहम बिंदुओं पर जांच कर रहा आयोग
वे 3 से 9 अगस्त तक शिविर कार्यालय में रहकर जांच करेंगे। सीबीआई जांच के आदेश के बाद आयोग की जांच के औचित्य पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि न तो सरकार ने जांच बंद करने के लिए कहा है और न ही हाईकोर्ट के आदेश में ऐसी कोई बात कही गई है।
इसलिए आयोग की जांच फिलहाल जारी है। बता दें, कि यह आयोग यादव सिंह से जुड़े तीन बिंदुओं डिग्री, संपत्ति और पदोन्नति पर जांच कर रहा है। यादव सिंह का 2002 से 2014 तक का कार्यकाल इस जांच के दायरे में हैं।
जस्टिस वर्मा ने एसआईटी व प्रवर्तन निदेशालय से जांच शुरू किए जाने की भी जानकारी दी। दूसरी तरफ, प्राधिकरण के सूत्र बताते हैं कि यादव सिंह की विभागीय जांच को दोबारा शुरू कर दिया गया है।
सीबीआई जांच के आदेश के बाद इसे बंद कर दिया गया था, मगर आयकर की तरफ से जारी एक पत्र में कुछ ऐसे बिंदु उठाए गए हैं, जिनकी जांच प्राधिकरण को खुद से करना है। इन बिंदुओं के बारे में पता नहीं चल पाया है।