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यादव सिंह ने चारा घोटाले को भी पीछे छोड़ा
सौरभ श्रीवास्तव/अमर उजाला, नोएडा
Updated Thu, 04 Feb 2016 06:56 PM IST
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यादव सिंह की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई के पूर्व निदेशक जोगिंदर सिंह ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में कहा कि एक इंजीनियर ने चारा घोटाले को भी पीछे छोड़ दिया। नोएडा प्राधिकरण में तैनात यादव सिंह ने भ्रष्टाचार की वह सारी सीमाएं लांघ दीं जो इंजीनियर के पद पर रहकर कोई नहीं कर सकता। यह मुमकिन तब हुआ जब बड़े-बड़े नौकरशाह और राजनेताओं का सहयोग उसे मिलता गया।
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जोगिंदर सिंह ने बताया कि नवंबर 2014 में जब यादव सिंह के कई ठिकानों पर आयकर विभाग ने छापे मारे तो उन्हें अंदेशा हो गया था कि अदने से इंजीनियर के जरिये कुछ सत्ताधारी नेताओं ने अपना उल्लू सीधा किया है।
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1996 में जब उन्हें चारा घोटाले की जांच करने के आदेश हुए थे तो एक बार उन्हें लगा कि केंद्र के अधीन सीबीआई निष्पक्ष होकर कैसे काम करेगी जबकि इस घोटाले के मुख्य आरोपी लालू प्रसाद यादव हैं। लेकिन, मामले में उन्होंने निष्पक्ष होकर जांच तो की ही, लालू यादव को जेल भी भेजा।
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ऐसे में यादव सिंह के पीछे कितना भी बड़ा राजनेता क्यों न हो, कोर्ट के आदेश पर अगर सीबीआई को किसी मामले की जांच सौंपी गई है तो जांच को अंजाम तक पहुंचाकर ही रहेगी। यादव सिंह की गिरफ्तारी में देरी को लेकर जिन लोगों ने सीबीआई पर सवाल उठाए, वे गलत हैं।
यादव सिंह के पास से बरामद व केस से जुड़े हुए सभी दस्तावेज को जब्त किया गया था। उसकी गहनता से जांच की गई, जिसमें देरी हुई और आखिरकार यादव सिंह को गिरफ्तार कर ही लिया गया।
यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी आईजी जसवीर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में काले धन के खिलाफ याचिका डाली थी और 4 जुलाई 2012 को सुप्रीम कोर्ट ने इसकी जांच के लिए एसआईटी बनाई और उसका कार्यभार जस्टिस एमबी शाह को सौंपा। मामले में जसवीर सिंह ने यादव सिंह से जुड़े काफी अहम दस्तावेज शाह को सौंपे।
जसवीर सिंह ने अमर उजाला को बताया कि वह यादव सिंह के केस को काला धन से जोड़कर ही देखते हैं, चूंकि उन्होंने यादव सिंह से जुड़े सभी दस्तावेज शाह को सौंपे थे, ऐसे में सीबीआई द्वारा की गई गिरफ्तारी के बाद वह सीबीआई जांच में पूरा सहयोग करेंगे।
अगर एसआईटी के पर्यवेक्षण में सीबीआई जांच करे तो शायद इस हजाराें करोड़ के घोटाले की जांच में और भी पारदर्शिता हो जाएगी। वहीं, नूतन ठाकुर की याचिका पर यादव सिंह मामले की सुनवाई हुई और हाईकोर्ट ने सीबीआई को केस दर्ज करने के आदेश दिए।