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महिला आयोग संग दिल्ली सरकार का विवाद बाकी!

Tue, 19 May 2015 06:21 PM IST
सीमा शर्मा/अमर उजाला, नई दिल्ली
सीमा शर्मा/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 19 May 2015 06:21 PM IST
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Women's Commission's dispute with the government do the rest!

तल्खी के साथ बेशक दिल्ली महिला आयोग ने केजरीवाल सरकार के कारण बताओ नोटिस का जवाब भेज दिया हो, लेकिन टकराव के आसार बढ़ गए हैं।

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क्योंकि यदि नोटिस के जवाब पर केजरीवाल सरकार ने कोई तल्खी दिखायी तो दिल्ली महिला आयोग राष्ट्रीय महिला आयोग का दरवाजा खटखटाएगा। कुमार विश्वास के मुद्दे पर सरकार द्वारा चुप्पी साधने और उल्टा आयोग के कामकाज को कटघरे में खड़ा करने पर मामला तूल पकड़ रहा है।

जबकि विश्वास के ट्विटर पर आयोग अध्यक्ष के नाम पर आपत्तिजनक शब्दों के प्रयोग की शिकायत पर सरकार चुप बैठी है। उपराज्यपाल नजीब जंग और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नियुक्ति विवाद के साथ ही दिल्ली में केजरीवाल सरकार वर्सेज दिल्ली महिला आयोग के बीच कुमार विश्वास के समन का मामला तूल पकड़ लेगा।
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क्योंकि सरकार ने आयोग की पूर्व सदस्य व एक अन्य शिकायत के आधार पर आयोग के कामकाज पर सवाल उठाया है?हालांकि आयोग ने सरकार के सवालों का जवाब तो दे दिया है, लेकिन तल्खी बढ़ रही है।
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सूत्रों के मुताबिक, आयोग अध्यक्ष बरखा शुक्ला सिंह ने जवाब में साफ कर दिया है कि आम और खास की शिकायतों में कोई फर्क नहीं है। यहां राजनीतिक पार्टी के आधार पर नहीं, बल्कि शिकायत के आधार पर समन भेजे और पीड़िता को न्याय दिलाया जाता है।

राष्ट्रीय महिला आयोग जाएगा मामला!

Women's Commission's dispute with the government do the rest!

कुमार विश्वास के मुद्दे पर समन भेजने में कहीं कोई राजनीति हावी नहीं हुई है। सूत्रों के मुताबिक, आयोग महज दो से तीन दिन का इंतजार करेगा। यदि नोटिस के जवाब पर सरकार ने कोई तल्खी दिखायी तो फिर आयोग सीधा राष्ट्रीय महिला आयोग मुद्दे को लेकर जाएगा।

वहीं, आयोग ने कुमार विश्वास के मुद्दे पर राष्ट्रीय महिला आयोग से शिकायत कर दी है, जिसमें समन पर कोई जवाब न देना
और टिवटर अकाउंट पर अभद्र आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करना है। क्योंकि उनकी शिकायत पर सरकार ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है।

बरखा शुक्ला सिंह ने कहा है कि आयोग की पूर्व सदस्य जूही खान की शिकायत पर केजरीवाल सरकार ने दिल्ली महिला आयोग के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। जबकि उन्हीं के वरिष्ठ नेता कुमार विश्वास के ऑफिशियल टिवटर अकाउंट पर मेरे समन व बयान के शब्दों को तोड़-मरोड़कर अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया, उस पर मेरी शिकायत पर सरकार ने कार्रवाई क्यों नहीं की।

क्या आयोग अध्यक्ष एक महिला नहीं है? मेरी शिकायत पर आखिर कुमार विश्वास समेत अन्य को नोटिस देकर जवाब क्यों नहीं मांगा गया। जबकि विश्वास तो उनकी पार्टी के ही वरिष्ठ नेता है।

महिला आयोग ने दिया नोटिस का जवाब

Women's Commission's dispute with the government do the rest!

दिल्ली महिला आयोग ने दिल्ली सरकार के कारण बताओ नोटिस का जवाब भेज दिया है। जवाब में यह भी लिखा है कि कुमार विश्वास के मामले में भी नियमों के तहत कार्रवाई की गयी है।

कहीं भी राजनीति हावी नहीं थी, क्योंकि शिकायतकर्ता कांग्रेस नहीं, बल्कि आप की ही कार्यकर्ता थी। दिल्ली सरकार के कारण बताओ नोटिस  का सोमवार को दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष बरखा शुक्ला सिंह ने भेज दिया है। आयोग ने अपने जवाब में
लिखा है कि पूर्व सदस्य जूही खान और सुरेश कृष्णमूर्ति की शिकायत के आधार पर सरकार ने जिन मुद्दों को उठाया है, वे बिल्कुल गलत हैं।

क्योंकि आयोग महिला सुरक्षा व अधिकारों केसाथ-साथ उनके उत्थान के लिए भी कार्यरत है। जबकि शिकायकर्ता जूही खान ही राजनीति के तहत काम कर रही थीं। तभी तो उन्होंने आयोग सदस्य के पद पर रहते हुए मामले की जानकारी होने के बगैर ही कुमार विश्वास को ईमानदार व क्लीन चिट देते हुए शिकायतकर्ता को ही कटघरे में खड़ा कर दिया था।

जबकि विश्वास को आयोग के भेजे समन में कोई आरोप ही नहीं था, फिर जूही ने कैसे आयोग के काम पर आरोप लगा दिया?

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