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खाली बाल्टियां लेकर महिलाओं का प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Thu, 21 Apr 2016 09:26 AM IST
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शहर में पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची हुई है। नगर निगम शहर के लोगों को पानी उपलब्ध कराने में विफल साबित हो रहा है, जबकि गर्मी बढ़ने के साथ ही शहर में पानी माफिया सक्रिय हो रहे हैं।
बुधवार को शहर की दो बड़ी कॉलोनियों के लोगों ने पानी की समस्या को लेकर नगर निगम कार्यालय कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। सैनिक कॉलोनी के लोग तीन साल से पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। निगम के अधिकारियों को कई बार पानी किल्लत के समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। बुधवार को लोगों के सब्र का बांध टूट गया।
कॉलोनी के लोग नगर निगम में कार्यालय पहुंच गए। महिलाओं ने खाली बाल्टियां लेकर निगम अधिकारियों के खिलाफ नारे लगाए। सैनिक कॉलोनी बड़खल विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है। अमर उजाला ने पिछले दिनों इस क्षेत्र में पानी के अवैध कारोबार का मुद्दा जोरशोर से उठाया था। गर्मी बढ़ने के साथ ही इस क्षेत्र में पानी की समस्या बढ़ रही है।
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स्थानीय जनप्रतिनिधि आगामी योजनाओं का हवाला देकर पल्ला झाड़ रहे हैं। सैनिक कॉलोनी निवासी उदय, कृष्णा, संजय, प्रीति, अनीता, सुभाष, जगदीश और बॉबी पंडित ने कहा कि जिस शहर में पीने के लिए पानी नहीं है, उसे स्मार्ट सिटी बनाने का सपना देखा जा रहा है। पहले अधिकारी लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए।
एनआईटी विधानसभा के तहत आने वाली डबुआ कॉलोनी के लोगों ने भी पानी की समस्या को लेकर निगमायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। डबुआ कॉलोनी निवासी कवल भड़ाना ने बताया कि कॉलोनी में पानी की विकट समस्या खड़ी हो गई है। लेकिन निगम के अधिकारियों को लोगों की समस्या से कोई लेना देना नहीं है। पिछले एक साल में दो ट्यूबवेल फेल हो गए हैं। निगमायुक्त डॉ. आदित्य दहिया ने लोगों को जल्द समस्या का समाधान करने का आश्वासन देकर शांत कराया।
ट्यूबवेल तो है लेकिन कनेक्शन नहीं
सैनिक कॉलोनी में ट्यूूबवेल तो हैं लेकिन उनका बिजली कनेक्शन आज तक नहीं हो पाया है। इसकी वजह से जनरेटर की सहायता से ट्यूबवेल चलाए जाते हैं और कुछ देर बाद बंद कर दिए जाते हैं। इसके कारण पूरे क्षेत्र में पानी की सप्लाई नहीं हो पाती। लोगों का आरोप है कि ऐसे हालत पिछले तीन साल से हैं।
टैंकरों से मंगाना पड़ता है पानी
सैनिक कॉलोनी के लोगों का कहना है कि पानी न होने के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लोगों को पानी के लिए टैंकरों पर आश्रित रहना पड़ता है। लोगों को न चाहकर भी महंगे दाम पर टैंकर मंगाना पड़ता है। 500-600 रुपये में टैंकर आता है। अगर तुरंत मंगाना है तो टैंकर के रेट 800 से 1000 रुपये हो जाते हैं।
पिछले तीन चार साल से पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। निगम के अधिकारी समस्या सुनने को तैयार नहीं है। लोगों को मजबूरी में रोजाना टैंकर से पानी खरीदना पड़ता है।- सुनीता, निवासी, सैनिक कॉलोनी
अधिकारी बोलते हैं हमारे पास जादू की छड़ी नहीं है कि घुमाई और काम हो गया। अधिकारी कहते हैं अगर समस्या है तो इतनी जल्दी ठीक नहीं होगी। पानी की कमी पूरे शहर में हैं।- गुरुदीप गांधी, निवासी, सैनिक कॉलोनी
कॉलोनी में सुबह और शाम को भी पानी नहीं मिल रहा है। अधिकारियों से सिर्फ आश्वासन मिलता है। तीन साल में सत्ता भी बदली, अधिकारी भी बदल गए। समस्या जस की तस है।- नीलम, निवासी, सैनिक कॉलोनी
अधिकारी फोन तक नहीं उठाते। ट्यूबवेल ऑपरेटर से शिकायत करने पर जवाब मिलता है, हम क्या करें। पानी की समस्या के चलते नजदीकी स्कूल के शौचालय का सहारा लेना पड़ता है।- रोशनी मिलक, निवासी-सैनिक कॉलोनी
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बुधवार को शहर की दो बड़ी कॉलोनियों के लोगों ने पानी की समस्या को लेकर नगर निगम कार्यालय कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। सैनिक कॉलोनी के लोग तीन साल से पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। निगम के अधिकारियों को कई बार पानी किल्लत के समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। बुधवार को लोगों के सब्र का बांध टूट गया।
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कॉलोनी के लोग नगर निगम में कार्यालय पहुंच गए। महिलाओं ने खाली बाल्टियां लेकर निगम अधिकारियों के खिलाफ नारे लगाए। सैनिक कॉलोनी बड़खल विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है। अमर उजाला ने पिछले दिनों इस क्षेत्र में पानी के अवैध कारोबार का मुद्दा जोरशोर से उठाया था। गर्मी बढ़ने के साथ ही इस क्षेत्र में पानी की समस्या बढ़ रही है।
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स्थानीय जनप्रतिनिधि आगामी योजनाओं का हवाला देकर पल्ला झाड़ रहे हैं। सैनिक कॉलोनी निवासी उदय, कृष्णा, संजय, प्रीति, अनीता, सुभाष, जगदीश और बॉबी पंडित ने कहा कि जिस शहर में पीने के लिए पानी नहीं है, उसे स्मार्ट सिटी बनाने का सपना देखा जा रहा है। पहले अधिकारी लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए।
एनआईटी विधानसभा के तहत आने वाली डबुआ कॉलोनी के लोगों ने भी पानी की समस्या को लेकर निगमायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। डबुआ कॉलोनी निवासी कवल भड़ाना ने बताया कि कॉलोनी में पानी की विकट समस्या खड़ी हो गई है। लेकिन निगम के अधिकारियों को लोगों की समस्या से कोई लेना देना नहीं है। पिछले एक साल में दो ट्यूबवेल फेल हो गए हैं। निगमायुक्त डॉ. आदित्य दहिया ने लोगों को जल्द समस्या का समाधान करने का आश्वासन देकर शांत कराया।
ट्यूबवेल तो है लेकिन कनेक्शन नहीं
सैनिक कॉलोनी में ट्यूूबवेल तो हैं लेकिन उनका बिजली कनेक्शन आज तक नहीं हो पाया है। इसकी वजह से जनरेटर की सहायता से ट्यूबवेल चलाए जाते हैं और कुछ देर बाद बंद कर दिए जाते हैं। इसके कारण पूरे क्षेत्र में पानी की सप्लाई नहीं हो पाती। लोगों का आरोप है कि ऐसे हालत पिछले तीन साल से हैं।
टैंकरों से मंगाना पड़ता है पानी
सैनिक कॉलोनी के लोगों का कहना है कि पानी न होने के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लोगों को पानी के लिए टैंकरों पर आश्रित रहना पड़ता है। लोगों को न चाहकर भी महंगे दाम पर टैंकर मंगाना पड़ता है। 500-600 रुपये में टैंकर आता है। अगर तुरंत मंगाना है तो टैंकर के रेट 800 से 1000 रुपये हो जाते हैं।
पिछले तीन चार साल से पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। निगम के अधिकारी समस्या सुनने को तैयार नहीं है। लोगों को मजबूरी में रोजाना टैंकर से पानी खरीदना पड़ता है।- सुनीता, निवासी, सैनिक कॉलोनी
अधिकारी बोलते हैं हमारे पास जादू की छड़ी नहीं है कि घुमाई और काम हो गया। अधिकारी कहते हैं अगर समस्या है तो इतनी जल्दी ठीक नहीं होगी। पानी की कमी पूरे शहर में हैं।- गुरुदीप गांधी, निवासी, सैनिक कॉलोनी
कॉलोनी में सुबह और शाम को भी पानी नहीं मिल रहा है। अधिकारियों से सिर्फ आश्वासन मिलता है। तीन साल में सत्ता भी बदली, अधिकारी भी बदल गए। समस्या जस की तस है।- नीलम, निवासी, सैनिक कॉलोनी
अधिकारी फोन तक नहीं उठाते। ट्यूबवेल ऑपरेटर से शिकायत करने पर जवाब मिलता है, हम क्या करें। पानी की समस्या के चलते नजदीकी स्कूल के शौचालय का सहारा लेना पड़ता है।- रोशनी मिलक, निवासी-सैनिक कॉलोनी