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यहां महिलाएं खुद संभाल रही हैं अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी
दीपाली श्रीवास्तव/ अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Fri, 14 Feb 2014 11:14 PM IST
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महिला अपराधों से निपटने के लिए हॉट सिटी में महिलाएं अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद ही संभाल रही हैं। बढ़ते महिला अपराधों के बाद उन्होंने यह कदम उठाया।
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टीएचए के शॉपिंग मॉल्स, मल्टीप्लेक्स, पार्क, सोसायटीज और मेट्रो में महिलाओं के हाथ में सुरक्षा की कमान है। इसके साथ ही आत्मरक्षा के लिए विभिन्न महिला सामाजिक संगठन सामने आए हैं। युवतियों और महिलाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए, जिससे वह अपना बचाव कर सकें।
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असल में, टीएचए में कामकाजी महिलाओं की संख्या दिनोंदिन बढ़ रही है और अकेले आने-जाने में महिलाओं को परेशानी होती है, ऐसे में ये जरूरी हो गया कि महिलाओं को आत्मरक्षा की जानकारी हो।
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शॉपिंग मॉल और मल्टीप्लेक्स:
महिलाओं की सुरक्षा को देखते हुए वर्तमान में टीएचए के हर शॉपिंग मॉल और मल्टीप्लेक्स में महिला सुरक्षा गार्डों की तैनाती की गई हैं। सिविल ड्रेस में तैनात महिला सुरक्षाकर्मी मॉल के एंट्री गेटों पर तैनात रहती हैं। शॉपिंग मॉल में आने वाली महिलाओं की सुरक्षा का ध्यान रखने के साथ ही इनका फोकस शॉपिंग मॉल में आने वाले लड़कों पर होता है।
सोसायटी-पार्क:
अभी तक टीएचए के सोसायटीज में जांच के लिए पुरुष गार्ड ही तैनात होते थे लेकिन अब महिलाओं को होने वाली असुविधा को देखते हुए टीएचए के 90 फीसदी सोसायटीज में महिला गार्ड तैनात कर दी गई हैं। ये सीसीटीवी के जरिए पूरे सोसायटी पर नजर रखती हैं। कहीं भी संदेह होने पर यह दो-दो हाथ को भी तैयार रहती हैं। इसके साथ ही स्वर्णजयंती पार्क, राममनोहर लोहिया पार्क में महिला सुरक्षा गार्डों की तैनाती की गई, जिससे पार्क में टहलने आने वाली महिलाओं को किसी तरह की परेशानी या छेड़छाड़ का सामना नहीं करना पड़े।
मेट्रो और महिला संगठन:
दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन ने तो इसी वर्ष महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला गार्डों की तैनाती की। सभी प्लेटफार्म पर मौजूद ये महिला गार्ड महिलाओं को सुरक्षित डिब्बों में बैठाने के साथ ही महिला बोगी में चढ़ने पर पुरुषों की अच्छी खबर लेती हैं। उधर, निर्भया कांड के बाद महिलाओं की सुरक्षा के लिए टीएचए के महिला संगठनों ने आत्मरक्षा की पाठशाला शुरू की। जहां छोटे बच्चों को गुड और बैड टच की ट्रेनिंग दी जाती है वहीं आठ वर्ष से लेकर 68 वर्ष तक की महिलाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए जाते हैं।
बहादुरी की मिशाल बनी गार्गी
राजेंद्र नगर निवासी गार्गी मिश्रा ने बहादुरी का परिचय देते हुए दो मोटर साइकिल सवार बदमाशों को बहादुरी दिखाते हुए धर दबोचा और पुलिस के हवाले किया। नवंबर 2012 में एक महिला से चेन स्नेचिंग के दौरान गार्गी ने बदमाशों को पकड़ा। गार्गी को उनकी बहादुरी के लिए कई महिला संगठनों द्वारा सम्मानित भी किया गया।
घर में घुसे चोरों को मनीषा ने दबोचा
इंदिरापुरम स्थित अरिहंत हारमोनी सोसायटी निवासी मनीषा जैन ने हिम्मत दिखाते हुए घर में घुस आए चोरों को धरदबोचा। पुलिस को पकड़वाया बल्कि खुद की और बच्चों की रक्षा करते हुए अन्य महिलाओं के लिए मिसाल बनी। मई 2012 में मनीषा के घर में कुरियर वाला बताकर घुसे चोरों ने चाकू से वार करना चाहा। इसी दौरान मनीषा ने चाकू छीनकर उन पर उल्टा वार कर दिया।