सूनी गोद भरने के लिए चोरी: सफदरजंग से एक दिन की बच्ची अगवा, पुलिस को दिया ऐसे चकमा; सिर्फ चार घंटे में पकड़ा
दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में बीते दिनों एक दिन की नवजात बच्ची को एक महिला ने चोरी कर लिया। आरोपी महिला फरीदाबाद की रहने वाली है। पुलिस ने चार घंटे में ही आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया।
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गांव सराय, फरीदाबाद में ब्याही पूजा (27) की शादी को सात वर्ष हो गए थे, मगर उसे कोई बच्चा नहीं हुआ। अपनी सूनी गोद को भरने के लिए उसने सफदरजंग अस्पताल से एक दिन की नवजात बच्ची को चुरा लिया। सफदरजंग एंक्लेव थाना पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद चार घंटे में ही बच्ची को बरामद कर महिला को गिरफ्तार कर लिया। बच्ची को उसके माता-पिता को सौंपा दिया गया है।
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि बस्ती, उत्तर प्रदेश के स्थायी निवासी और चाणक्यपुरी में रह रही बच्ची की पीडि़त मां ने 15 अप्रैल को शाम 4.00 बजे पीसीआर कॉल कर अपनी एक दिन की न नवजात बच्ची के चोरी होने की शिकायत दी। पीड़िता ने (24 वर्ष) ने 14 अप्रैल को सफदरजंग अस्पताल में एक बच्ची को जन्म दिया था। प्रसव के बाद, उन्हें अस्पताल के वार्ड नंबर-5 में स्थानांतरित कर दिया गया।
15 अप्रैल को करीब 15.17 बजे, उनका नवजात बच्ची अस्पताल से गायब हो गई। मामला दर्जकर सफदरजंग एंक्लेव थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर रजनीश कुमार, एसआई सुनील गौड़ व एसआई सतेंद्र गुलिया की सफदरजंग अस्पताल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की। फुटेज से पता लगा कि स्वस्थ शरीर और छोटे कद की एक अज्ञात महिला उसी मंजिल पर अन्य महिला रोगियों के साथ बातचीत कर रही थी।
उसने अपना चेहरा आंशिक रूप से एक स्टोल/दुपट्टे से ढका हुआ था। सीसीटीवी फुटेज के आगे के विश्लेषण से पता चला कि आरोपी महिला एम्स मेट्रो स्टेशन से समयपुर बादली की ओर मेट्रो ट्रेन में सवार हुई, लेकिन वह पुलिस को गुमराह करने के लिए आईएनए मेट्रो स्टेशन पर ट्रेन से उतर गई और फिर से हुडा सिटी सेंटर की ओर ट्रेन में सवार हो गई।
इसके बाद वह हौज खास मेट्रो स्टेशन पर मेट्रो से उतरी और हौज खास मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 से बाहर आई और पंचशील फ्लाईओवर की ओर चली गई, लेकिन उक्त 200 मीटर के मार्ग में कोई सीसीटीवी नहीं लगा था। महिला द्वारा अपनाए गए संभावित मार्ग की अलग-अलग टीमों द्वारा तीन अलग-अलग दिशाओं में जाँच की गई और अंत में, वह एसएल हाउस रेड लाइट के पास एक टीएसआर में बैठी देखी गई। सीसीटीवी फुटेज की आगे की जाँच से पता चला कि आरोपी महिला ने शाम करीब 4:00 बजे पंचशील फ्लाईओवर से एक ऑटो किराए पर लिया था।
बच्ची को बरामद किया गया
20 से अधिक ऑटो के के पंजीकरण नंबर और स्वामित्व को विभिन्न अल्फ़ान्यूमेरिक संयोजनों के साथ जांचा गया। अंत में, टीएसआर के पंजीकरण नंबर का पता लगाया गया। ऑटो चालक से पूछ्रताछ के लिए मालवीय नगर में गुलक वाली गली से पूजा को गिरफ्तार कर लिया गया। बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया गया।
आरोपी महिला पूजा ने खुलासा किया कि वह 14 अप्रैल को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती होने के बहाने अपने घर से चली गई। 15 अप्रैल को बच्ची को चुराकर घर ले आई। पूजा की 7 साल पहले पिंटू से शादी हुई थी। वह अपने पति के साथ फरीदाबाद, हरियाणा में रहने लगी। अपनी शादी के सात साल पूरे होने के बाद, उसके कोई बच्चा नहीं था। इसलिए, उसने सफदरजंग अस्पताल से एक शिशु का अपहरण करने का फैसला किया।