मकान ढहने से महिला समेत दो बच्चों की मौत, मौके पर पहुंचे मंत्री और नेता
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रणहौला के मोहन गार्डन इलाके में रविवार देर रात दो मंजिला इमारत ढह गई। इमारत में मौजूद एक महिला और उसके दो बच्चों की मौत हो गई जबकि महिला का पति जख्मी हो गया।
घायल शख्स का अस्पताल में इलाज चल रहा है। इमारत में ईंटों की चिनाई कच्ची होने और बरसात की पानी से नींव कमजोर होने को मकान गिरने की वजह बताई जा रही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
पुलिस के अनुसार, सुशील सपरिवार मोहन गार्डन के सैनिक एंक्लेव में रहता था। परिवार में पत्नी मंजू (24), बेटा दक्ष (4) और बेटी तनु (2) थी। सुशील करीब सौ गज में बनी इमारत के पिछले भाग में पहली मंजिल पर रहता था।
वह डेयरी चलाता था और इमारत के भूतल पर भैंसों को बांधता था। रविवार रात करीब ढाई बजे जब पूरा परिवार सो रहा था तभी इमारत भरभराकर नीचे गिर गई।
इमारत में कच्ची थी ईंटों की चिनाई और नहीं था पिलर
भवन गिरने की आवाज सुनकर आस पड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे और मलबे में फंसे परिवार के सदस्यों को बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने सुशील की पत्नी और उसके दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। सुशील का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
जांच में पता चला कि इमारत में ईंटों की चिनाई कच्ची थी और इसमें पिलर नहीं था। लोहे का गार्डर लगाकर पहली मंजिल बनाया गया था। आशंका है कि नीचे भैंसों की डेयरी होने व बारिश की वजह से मकान की नींव कमजोर हो गई थी।
पुलिस का कहना है कि इस मामले में किसी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया है। जांच में किसी की खिलाफ लापरवाही की बात सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एक भैंस की गई जान
इमारत ढहने से उसके मलबे के नीचे दबकर एक भैंस की भी जान चली गई। जबकि एक भैंस जख्मी हो गई। पुलिस ने बताया कि सुशील ने अपनी डेयरी में 12 भैंसों को बांध रखा था।
पंद्रह साल से रह रहा था परिवार
पुलिस ने बताया कि मूलत: झज्जर के सिकंदरपुर गांव निवासी सुशील यहां पंद्रह साल से रह रहा था। उसने इमारत में ईंटों की कच्ची चिनाई करवायी थी। डेयरी होने की वजह से पानी और अन्य सामान का इस्तेमाल भी होता था। साथ ही बारिश की वजह से इमारत की नींव कमजोर हो गई थी।
इलाके में है जल जमाव की समस्या
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं है। बारिश होने के बाद यहां जल जमाव की समस्या हो जाती है। लोगों ने बताया कि यहां सीवर डाले जा चुके हैं लेकिन नाले की पानी लोगों के मकान की नींव को कमजोर कर रही है।
जिसकी वजह से यह हादसा हुआ है। स्थानीय निवासी रमाशंकर ने बताया कि यहां ज्यादातर घरों के बाहर जल जमाव की समस्या है और इसके निपटारे के लिए कोई पहल नहीं की जा रही है।
मौके पर पहुंचे मंत्री और नेता
हादसे के बाद घटनास्थल पर नेताओं का आवागमन भी शुरू हो गया। तीनों ही बड़ी पार्टियां आप, कांग्रेस और भाजपा के नेता मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
दिल्ली सरकार के मंत्री सतेंद्र जैन ने पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय मकान गिरने के लिए सीवर डालने का काम कर रही डीएसआईडीसी के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। पूर्व विधायक व कांग्रेस नेता मुकेश शर्मा ने घटना के लिए दिल्ली सरकार को जिम्मेदार ठहराया।