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‘औरंगजेब से जुड़ी जगह का नवीनीकरण नहीं होने देंगे’
Sun, 16 Feb 2020 03:17 AM IST
अवधेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: अवधेश कुमार
Updated Sun, 16 Feb 2020 03:17 AM IST
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मुगल शासक औरंगजेब के सत्ता संभालने वाली जगह के नवीनीकरण की योजना पर राजनीति शुरू हो गई है। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) और भाजपा ने पुरातत्व विभाग की इस योजना पर आपत्ति जताते हुए इसे पूरा नहीं होने देने की बात कही है।
डीएसजीएमसी अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रेस कान्फ्रेंस कर कहा कि औरंगजेब के सत्ता संभालने वाली जगह शालीमार बाग का सरकारी पैसे से नवीनीकरण किया जा रहा है। यह पैसा लोगों ने टैक्स के रूप में सरकार को दिया है। इसे किसी कीमत पर शालीमार बाग के विकास में नहीं लगने देंगे।
औरंगजेब जालिम बादशाह था। वह हर हिंदू को मुसलमान बनाना चाहता था। औरंगजेब ने हिंदुओं पर तो जुल्म किया ही, अपने पिता व भाई का भी कत्ल करा दिया। उसके सताए कश्मीरी पंडित गुरु तेग बहादुर साहिब के पास पहुंचे थे, जिन्होंने अपनी शहादत दी। औरंगजेब का महिमा मंडन नहीं होना चाहिए।
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उधर, प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने उपराज्यपाल व मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि हिंदुओं का धर्म परिवर्तन कराने वाले और सिखों पर अत्याचार करने वाले शासक से जुड़े स्थल का पुनर्विकास इन दोनों समुदायों की भावनाओं से खिलवाड़ करने वाला है। दिल्ली की औरंगजेब रोड का नाम पहले ही बदलकर पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर रखा जा चुका है। इस पार्क का नाम परमवीर चक्र विजेता अब्दुल हमीद की स्मृति को समर्पित होना चाहिए।
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डीएसजीएमसी अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रेस कान्फ्रेंस कर कहा कि औरंगजेब के सत्ता संभालने वाली जगह शालीमार बाग का सरकारी पैसे से नवीनीकरण किया जा रहा है। यह पैसा लोगों ने टैक्स के रूप में सरकार को दिया है। इसे किसी कीमत पर शालीमार बाग के विकास में नहीं लगने देंगे।
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औरंगजेब जालिम बादशाह था। वह हर हिंदू को मुसलमान बनाना चाहता था। औरंगजेब ने हिंदुओं पर तो जुल्म किया ही, अपने पिता व भाई का भी कत्ल करा दिया। उसके सताए कश्मीरी पंडित गुरु तेग बहादुर साहिब के पास पहुंचे थे, जिन्होंने अपनी शहादत दी। औरंगजेब का महिमा मंडन नहीं होना चाहिए।
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उधर, प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने उपराज्यपाल व मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि हिंदुओं का धर्म परिवर्तन कराने वाले और सिखों पर अत्याचार करने वाले शासक से जुड़े स्थल का पुनर्विकास इन दोनों समुदायों की भावनाओं से खिलवाड़ करने वाला है। दिल्ली की औरंगजेब रोड का नाम पहले ही बदलकर पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर रखा जा चुका है। इस पार्क का नाम परमवीर चक्र विजेता अब्दुल हमीद की स्मृति को समर्पित होना चाहिए।