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यहां पहली बार भापजा को मिलेगा मुस्लिम जिलाध्यक्ष!
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Tue, 29 Dec 2015 06:03 PM IST
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देशभर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल के बाद पार्टी में अल्पसंयक समुदायों को प्रतिनिधित्व देने के प्रयास तेज हुए हैं।
इसका असर अभी तक मेवात में देखने को नहीं मिला है। जिला बनने के बाद मेवात क्षेत्र में तीन बार अल्पसंयकों को नजरअन्दाज करके ही भाजपा ने जिलाध्यक्ष चुने हैं।
जबकि वर्तमान जिलाध्यक्ष रामअवतार सिंगला का कार्यकाल 31 दिसबर को पूरा हो रहा है। इसलिए इस पद के लिए इसी सप्ताह नववर्ष से पहले चुनाव सपन्न होने है।
जिसकी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। जिन मुस्लिम चेहरों को तलाशने की बातें सामने आ रही हैं। उनसे निचली कार्यकारिणी संतुष्ट नहीं है। ये कार्यकारिणी केवल गैरमुस्लिम जिलाध्यक्ष को ही चुने जाने पर दबाव बना रही है।
विदित है कि मेवात की 12 लाख आबादी में से मुस्लिम समुदाय की आबादी 9 लाख से ज्यादा है। अब तक वर्तमान में प्रदेश गोसेवा आयोग चैयरमेन भानीराम मंगला, डॉ. महेन्द्र गर्ग और रामअवतार सिंगला लगातार तीन तीन साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं।
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संयुक्त गुड़गांव जिले के दौरान भी बीजेपी के गठन 1980 के बाद से भी कोई मुस्लिम जिलाध्यक्ष नहीं बन सका है। गौरतलब है कि फिलहाल जिलाध्यक्ष नौ मंडलों में से 11 सदस्यों को चुना गया है।
अभी तक प्रदेश कार्यकारिणी ने छह मंड़लों के चुनाव ही कराये हैं। जबकि नगीना, पिनगवां, पुन्हाना के चुनाव नहीं हो सके हैं। छह मंड़लाध्यक्षों के अलावा पांच मंड़ल प्रतिनिधियों को जिलाध्यक्ष चुनने की मंजूरी दी गई है। इससे साफ जाहिर है कि 11 सदस्यों में से दो ही अल्पसंयक समुदाय से संबंध रखते हैं।
हरियाणा प्रदेश कार्यकारिणी से प्रदेश महामंत्री संदीप जोशी, प्रदेश मंत्री सुरेन्द्र सिंह तेवतिया, प्रभारी जीएल शर्मा व सत्यप्रकाश कश्यप को ये चुनाव संपन्न कराने की कमान सौंपी गई है।
ये भी काबिले गौर है कि बीते तीन साल के कार्यकाल के दौरान नौ मंड़लों का पहली बार गठन के अलावा 80 हजार प्राथमिक सदस्यों को जोड़ा गया है। वहीं 657 सक्रिय सदस्य भी बनाये गये हैं तथा युवा मोर्चा और एससी मोर्चा भी गठित हुआ है।
पार्टी के साथ प्रदेश अल्पसंयक प्रकोष्ठ संयोजक ओरंगजेब, आलम उर्फ मुंडल, धौलपोश मोहमद हनीफ, डॉ. बशीर अहमद, जाहिद हुसैन, इकबाल जेलदार व अन्य कई चेहरे हैं जो लबे समय से पार्टी में खिदमत कर रहे हैं।
बातचीत में मेवात के निवर्तमान बीजेपी जिलाध्यक्ष रामअवतार सिंगला ने कहा कि मेव चेहरा ढूंढ़ने के लिए तलाश जारी है।
ये चुनाव देश, प्रदेश व जिले पर तीन साल के लिए होते हैं। इसी 31 तारीख को ये चुनाव प्रदेश कार्यकारिणी द्वारा सपन्न होगा। इस बार छह मंड़ल सदस्य व पांच मंड़ल प्रतिनिधि जिलाध्यक्ष चुनेंगे।
हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला ने कहा कि निश्चित तौर पर अल्पसंयकों को पार्टियों को प्रतिनिधित्व दिया जा रहा है। ये चुनाव मेवात के 11 सदस्यों पर निर्भर करेगा कि वे किसे चुनते हैं।
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इसका असर अभी तक मेवात में देखने को नहीं मिला है। जिला बनने के बाद मेवात क्षेत्र में तीन बार अल्पसंयकों को नजरअन्दाज करके ही भाजपा ने जिलाध्यक्ष चुने हैं।
जबकि वर्तमान जिलाध्यक्ष रामअवतार सिंगला का कार्यकाल 31 दिसबर को पूरा हो रहा है। इसलिए इस पद के लिए इसी सप्ताह नववर्ष से पहले चुनाव सपन्न होने है।
जिसकी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। जिन मुस्लिम चेहरों को तलाशने की बातें सामने आ रही हैं। उनसे निचली कार्यकारिणी संतुष्ट नहीं है। ये कार्यकारिणी केवल गैरमुस्लिम जिलाध्यक्ष को ही चुने जाने पर दबाव बना रही है।
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विदित है कि मेवात की 12 लाख आबादी में से मुस्लिम समुदाय की आबादी 9 लाख से ज्यादा है। अब तक वर्तमान में प्रदेश गोसेवा आयोग चैयरमेन भानीराम मंगला, डॉ. महेन्द्र गर्ग और रामअवतार सिंगला लगातार तीन तीन साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं।
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संयुक्त गुड़गांव जिले के दौरान भी बीजेपी के गठन 1980 के बाद से भी कोई मुस्लिम जिलाध्यक्ष नहीं बन सका है। गौरतलब है कि फिलहाल जिलाध्यक्ष नौ मंडलों में से 11 सदस्यों को चुना गया है।
अभी तक प्रदेश कार्यकारिणी ने छह मंड़लों के चुनाव ही कराये हैं। जबकि नगीना, पिनगवां, पुन्हाना के चुनाव नहीं हो सके हैं। छह मंड़लाध्यक्षों के अलावा पांच मंड़ल प्रतिनिधियों को जिलाध्यक्ष चुनने की मंजूरी दी गई है। इससे साफ जाहिर है कि 11 सदस्यों में से दो ही अल्पसंयक समुदाय से संबंध रखते हैं।
हरियाणा प्रदेश कार्यकारिणी से प्रदेश महामंत्री संदीप जोशी, प्रदेश मंत्री सुरेन्द्र सिंह तेवतिया, प्रभारी जीएल शर्मा व सत्यप्रकाश कश्यप को ये चुनाव संपन्न कराने की कमान सौंपी गई है।
ये भी काबिले गौर है कि बीते तीन साल के कार्यकाल के दौरान नौ मंड़लों का पहली बार गठन के अलावा 80 हजार प्राथमिक सदस्यों को जोड़ा गया है। वहीं 657 सक्रिय सदस्य भी बनाये गये हैं तथा युवा मोर्चा और एससी मोर्चा भी गठित हुआ है।
पार्टी के साथ प्रदेश अल्पसंयक प्रकोष्ठ संयोजक ओरंगजेब, आलम उर्फ मुंडल, धौलपोश मोहमद हनीफ, डॉ. बशीर अहमद, जाहिद हुसैन, इकबाल जेलदार व अन्य कई चेहरे हैं जो लबे समय से पार्टी में खिदमत कर रहे हैं।
बातचीत में मेवात के निवर्तमान बीजेपी जिलाध्यक्ष रामअवतार सिंगला ने कहा कि मेव चेहरा ढूंढ़ने के लिए तलाश जारी है।
ये चुनाव देश, प्रदेश व जिले पर तीन साल के लिए होते हैं। इसी 31 तारीख को ये चुनाव प्रदेश कार्यकारिणी द्वारा सपन्न होगा। इस बार छह मंड़ल सदस्य व पांच मंड़ल प्रतिनिधि जिलाध्यक्ष चुनेंगे।
हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला ने कहा कि निश्चित तौर पर अल्पसंयकों को पार्टियों को प्रतिनिधित्व दिया जा रहा है। ये चुनाव मेवात के 11 सदस्यों पर निर्भर करेगा कि वे किसे चुनते हैं।