{"_id":"256199c6ca1229afb26d6baa0f791f19","slug":"will-be-taught-in-schools-pulisgiri","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूलों में ही सिखाई जाएगी ‘पुलिसगिरी’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूलों में ही सिखाई जाएगी ‘पुलिसगिरी’
अरीश रिजवी/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Tue, 04 Mar 2014 01:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अब स्कूलों में ही ‘पुलिसगिरी’ सिखायी जाएगी। ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ने नेशनल पुलिस मिशन के तहत प्रोजेक्ट तैयार किया है, जिसमें एनसीसी कैडेट की तरह स्टूडेंट पुलिस कैडेट (एसपीसी) बनाए जाएंगे।
विज्ञापन
यह व्यवस्था देशभर में लागू करने की प्लानिंग है। केरल में इसका डेमो किया जा चुका है। सूबे के डीजीपी ने सभी जिलों के पुलिस प्रमुखों से इस संबंध में सुझाव और प्लानिंग मांगी थी। गाजियाबाद में सीओ इंदिरापुरम कुमार रणविजय सिंह ने प्लानिंग तैयार की है।
विज्ञापन
अभी तक सरकार की प्लानिंग सरकारी स्कूलों में इसे लागू करने की है, लेकिन गाजियाबाद में जो सुझाव और प्लानिंग तैयार की गई है, उसमें प्राइवेट स्कूलों में भी शामिल करने का सुझाव दिया गया है।
विज्ञापन
8वीं से 12वीं क्लास तक के स्टूडेंट एसपीसी बनाए जाएंगे। इसकी दो विंग होंगी, एक जूनियर (8वीं से 10वीं) और दूसरी सीनियर (11वीं-12वीं) विंग। ये सारी कवायद कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत की जा रही है, ताकि स्कूलों में ही ऐसे पुलिसवाले तैयार हों, जो खाकी का रुतबा कायम कर सकें।
‘लठमार’ पुलिसवाले न हों, बल्कि उन्हें कानून, मानवाधिकार, डिसिप्लिन, सूचना तकनीकी और कम्यूनिटी पुलिसिंग की जानकारी हो। प्रोजेक्ट के लिए एक नोडल एजेंसी प्रदेश स्तर पर बनेगी, जिसमें पुलिस के आला अधिकारी, एजूकेशन, स्पोर्ट्स और यूथ से जुड़े लोग शामिल होंगे। जिला स्तर पर डीएम इसके संरक्षक और एसएसपी अध्यक्ष होंगे।