हाइकोर्ट बोला क्यों नहीं की रिश्वत लेने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
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हाईकोर्ट ने वर्ष 2007 में ब्ल्यू लाइन बस ऑपरेटरों से रिश्वत लेते हुए कैमरे में कैद किए गए 100 से ज्यादा ट्रैफिक पुलिसकमियों के खिलाफ दर्ज केस मामले में सीबीआई व दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी व न्यायमूर्ति आरएस एंडलॉ की खंडपीठ ने मामले में प्रॉपर्टी डीलर चेतन प्रकाश शर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह जवाब मांगा है।
याचिकाकर्ता का कहना है कि वर्ष 2007 में उसने दिल्ली के 30 अलग-अलग प्वाइंट पर 100 से अधिक ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को रिश्वत लेते हुए अपने कैमरे में कैद किया था। मामले में हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी।
इसके बाद हाईकोर्ट के निर्देश पर अप्रैल 2008 में जनकपुरी पुलिस थाने में भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया था। इस मामले की पुलिस ने न तो जांच की और न ही आरोपी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया।
इतना ही नहीं, मामले में सीबीआई को भी जांच के लिए कहा गया था। लेकिन उसने मामले में कोई जांच नहीं की है। पुलिस व सीबीआई मामले को रफा-दफा कर रही हैं।