अध्यक्ष बनने को RSS के दर पर पहुंच रहे नेता
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डॉ. हर्षवर्धन के केंद्रीय मंत्री बनते ही अब दिल्ली के नेताओं ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनने की दौड़ शुरू कर दी है।
इसमें पदाधिकारी, विधायक और पार्षद सभी शामिल हैं। साथ ही इस रेस में पहली बार सांसद चुने गए नेता भी हैं।
हालांकि अभी बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चयन होना बाकी है। राजनाथ सिंह के अध्यक्ष बनने के बाद अब यह पद भी खाली है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन के बाद ही दिल्ली का नंबर आएगा।
कुर्सी पर है सबकी नजर
प्रधानमंत्री मोदी की कैबिनेट में डॉ. हर्षवर्धन के शामिल होने के बाद अब राजधानी के नेताओं की नजर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की कुर्सी पर है।
वहीं, कैबिनेट में जगह नहीं मिलने के बाद दिल्ली के कई सांसद भी इस दौड़ में कूद पड़े हैं। कोई राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से पैरवी करने में जुटा है तो कोई संघ मुख्यालय झंडेवालान का चक्कर काट रहा है।
राजनीति के जानकारों का कहना है कि सांसद नेता प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी इसलिए भी चाह रहे हैं कि संगठन में मजबूत पकड़ बन सके।
रेस में शामिल हैं ये नेता
उधर, प्रदेश अध्यक्ष से होकर ही मुख्यमंत्री की कुर्सी का रास्ता जाता है। इसलिए कई दिग्गज नेता भी पाइपलाइन में नजर आ रहे हैं।
भाजपा सूत्रों की मानें तो दक्षिणी दिल्ली के सांसद रमेश बिधूड़ी, पश्चिमी दिल्ली के सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा, नई दिल्ली की सांसद मीनाक्षी लेखी व राज्यसभा सांसद विजय गोयल इस रेस में हैं।
सरकार बनते ही बदल गए तेवर
केंद्र में सत्ता परिवर्तन होते ही भाजपा पार्षदों के तेवर में बदलाव आया है। बुधवार को उत्तरी दिल्ली नगर निगम की स्थाई समिति की बैठक में भाजपा पार्षद अधिकारियों को आदेश देते दिखे।
समिति की उपाध्यक्ष रेखा गुप्ता व भाजपा के अन्य पार्षदों ने कहा कि हमने मोदी की टीम के रूप में कार्य करते हुए उनके मिशन को पूरा करने की कवायद शुरू की है।