क्या हुआ जब दुष्कर्म केस के बाद युवती को हुआ प्यार
मामला पीड़िता की शिकायत पर दक्षिण पश्चिम जिला पुलिस ने दर्ज किया था। पीड़िता ने अपने बयान में कहा कि एक साल से ज्यादा समय से उसके आरोपी से प्रेम संबंध था और इसका खुलासा होने पर पति ने दवाब डालकर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करवाया था।
अदालत ने इस बात पर भी गौर किया कि दुष्कर्म का केस दर्ज होने के बाद पीड़िता का व्यवहार यह साबित करता है कि पीड़िता उसे पसंद करती थी और उसने पीड़िता के साथ किसी तरह का यौन उत्पीड़न नहीं किया।
मामला दर्ज होने के बाद भी पीड़िता एक दिन में आरोपी से कई बार बात करती थी। पीड़िता ने अपने बयान में कहा कि आरोपी ने कभी उससे दुष्कर्म नहीं किया लेकिन पति के दवाब में उसने दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करवाया।
आरोपी को पसंद करती थी महिला
शरीर पर चोटों के निशान के बारे में पीड़िता ने कहा कि उसके पति की पिटाई से आये हैं। पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा था कि वह 14 अगस्त 2014 को द्वारका इलाके की एक कंस्ट्रक्शन साइट पर पंप से पानी लेने गयी थी।
वहां पर अतुल सुपरवाइजर था। वहां पर अतुल ने उससे दुष्कर्म किया और उसे धमकी दी। पीड़िता के पति ने भी चार नवंबर 2014 को पुलिस को शिकायत देकर अतुल पर उसकी पत्नी को दो माह से ब्लैक मेल करने का आरोप लगाया था।
द्वारका जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र भट ने आरोपी अतुल कुमार को दुष्कर्म व धमकी देने के आरोपों से पीड़िता के बयान के मद्देनजर बरी कर दिया। पीड़िता ने अपने बयान में कहा कि उसने पति के दवाब में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करवाया था।