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वेबवर्क मामला : धोखेबाजों पर गैंगस्टर एक्ट की तैयारी

Thu, 06 Apr 2017 04:25 PM IST
अमित सिंह/अमर उजाला, नोएडा
अमित सिंह/अमर उजाला, नोएडा Updated Thu, 06 Apr 2017 04:25 PM IST
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web work owners can be framed under gangstaer act
- फोटो : अमर उजाला

इंटरनेट पर लिंक लाइक का गोरखधंधा कर रही वेबवर्क कंपनी से सबसे पहले जुड़े निवेशकों से पुलिस ने पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस इन लोगों को नोटिस जारी कर पांच बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांग रही है।

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निवेशकों को जारी किए जा रहे नोटिस में पुलिस उन्हें तीन दिन में थाने आकर बयान दर्ज कराने का समय दे रही है। नोटिस में पुलिस ने संतोषजनक जवाब न देने पर कंपनी के मालिक अनुराग गर्ग व संदेश वर्मा के साथ उनके खिलाफ भी गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
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कंपनी के मालिक संदेश वर्मा और अनुराग गर्ग को नोएडा पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस ने इन्हें 17 फरवरी को गिरफ्तार किया था। जियाबाद के अमित किशोर जैन ने कंपनी के खिलाफ नोएडा के थाना सेक्टर-20 में धोखाधड़ी और आईटी एक्ट सहित कई संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।
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सूत्रों के अनुसार, केस में नोएडा पुलिस ने अब कंपनी से सबसे पहले जुड़ने वाले निवेशकों से पूछताछ शुरू कर दी है। ये वे लोग हैं जो कंपनी की पोंजी स्कैम में सबसे पहले जुड़े और फिर इन्होंने अपने नीचे कई लोगों को जोड़ा।

इसके एवज में कंपनी ने इन्हें लाखों रुपये का भुगतान किया। चेन सिस्टम में ये निवेशक मालिकों के बाद दूसरी कड़ी में आते हैं। पुलिस ने जांच के दौरान कंपनी से मिली निवेशकों की सूची और बैंक खातों के ट्रांजक्शन को देखते हुए ऐसे दो दर्जन से ज्यादा लोगों की सूची तैयार की है।

इन्हीं में से एक हैं मुजफ्फरनगर के सुशील कुमार। पुलिस को सुशील के बैंक खाते में वेबवर्क कंपनी द्वारा 34.88 लाख रुपये का भुगतान किए जाने की जानकारी प्राप्त हुई है।

नोटिस के पांच बिंदु
- वेबवर्क में आईडी की संख्या व उनका विवरण बताएं।
- चार माह में कंपनी द्वारा प्राप्त धन का स्पष्टीकरण दें।
- क्या लोगों का धन अपने अकाउंट में जमा कर कंपनी को ट्रांसफर किया था।
- कंपनी द्वारा आपके खाते में स्थानांतरित धन क्या जनता (निवेशकों) का है, जो कंपनी निदेशकों से मिलीभगत कर गैंग बनाकर साजिश के तहत प्राप्त किया है।
- अपना मोबाइल नंबर अन्य लोगों की आईडी पर रजिस्टर्ड कराया है।

सबूत के बाद भी प्राधिकरण नहीं दे रहा जवाब
वेबवर्क के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाले अमित किशोर जैन के अनुसार उन्होंने नवंबर 2016 में नोएडा प्राधिकरण को नियम विरुद्ध चल रही वेबवर्क व एड्स बुक कंपनी की शिकायत दी थी।

इसके बाद उन्होंने दिसंबर 2016 के प्रथम सप्ताह में अपनी शिकायत पर हुई कार्रवाई के संबंध में प्राधिकरण से आरटीआई के जरिये जवाब मांगा था। उन्होंने अधिकारियों से भी मुलाकात की थी। बावजूद अब तक उन्हें जवाब नहीं मिला है।


प्राधिकरण के औद्योगिक विभाग को वह कंपनी के खिलाफ सबूत भी दे चुके हैं। जनवरी-2017 में उन्होंने प्राधिकरण से सूचना प्राप्त करने के लिए प्रथम अपील की। प्रथम अपील की अब तक चार तिथि पड़ चुकी हैं।

प्रथम अपील पर सुनवाई के लिए पहले उन्हें 3 मार्च और फिर 17 व 29 मार्च को बुलाया गया था। अब उन्हें 7 अप्रैल को बुलाया गया है।

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