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अमर उजाला पड़तालः पांच सौ से एक हजार रुपये में मिल रहा है पानी का टैंकर 

Wed, 20 Nov 2019 04:49 AM IST
दुष्यंत शर्मा सर्वेश कुमार, नई दिल्ली
सर्वेश कुमार, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 20 Nov 2019 04:49 AM IST
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Water tanker is available for five hundred to one thousand rupees in delhi
संगम विहार में पानी का टैंकर - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली का संगम विहार इलाका। दस लाख से ज्यादा की आबादी वाले इस इलाके में पेयजल आपूर्ति के लिए जल बोर्ड ने करीब दो माह पहले पाइपलाइन बिछाई है। लेकिन अब तक महज दस फीसदी घरों में ही पानी की आपूर्ति हो रही है। 

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नतीजा पानी माफिया की इस इलाके में खूब घुसपैठ है। प्रति टैंकर पानी की कीमत पांच सौ से लेकर एक हजार रुपये तक वसूली जाती है। पड़ताल में यह बात सामने आई कि जल बोर्ड ने भिजवा दिया तो ठीक नहीं तो माफिया से पानी खरीदना पड़ता है।
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अमर उजाला की टीम ने संगम विहार क्षेत्र में पानी के इस खेल को बारीकी से जानने की कोशिश की तो साफ हुआ कि यहां जरूरी काम के लिए पानी तो दूर पीने के पानी के लिए भी आरओ या बोतलबंद पानी पर 90 फीसदी परिवार निर्भर हैं। 
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संगम विहार के जे ब्लॉक, ए ब्लॉक और दुग्गल कॉलोनी में कुछ टैंकर सड़कों पर दिखे भी। एक छोटा टैंकर जिसमें ़1000 लीटर पानी होता है, इसके लिए 500 रुपये जबकि बड़े के लिए 600-1000 रुपये वसूला जाता है। 

फोन पर जब एक टैंकर मालिक से संपर्क किया गया तो उसने बताया कि सुबह फोन करें। रेट पूछने पर बताया कि कम से कम 500 रुपये। अगर बड़ा टैंकर चाहिए तो रेट बाद में तय कर लेंगे। 

पानी पर हर माह करते हैं करोड़ों खर्च 
संगम विहार की कॉलोनियों और ब्लॉक में रहने वाले 90 हजार परिवारों की पानी की जरूरतें निजी कारोबारी पूरी करते हैं। इसके लिए यहां के निवासियों को हर माह करोड़ों खर्च करना पड़ रहा है। हैरत की बात है कि अनदेखी का शिकार हुए क्षेत्र वासियों को अवैध टैंकर, बोतलबंद पानी की बिक्री का कोई विकल्प भी नहीं उपलब्ध करवाए गए हैं।

11 साल बाद भी पाइपलाइन डालने का काम नहीं हुआ पूरा
एल-वन निवासी बिजेंद्र यादव ने बताया कि 2008 में सोनिया विहार से पाइपलाइन डालने की शुरुआत की गई थी। 11 साल बाद भी इसे पूरा नहीं किया जा सका है। अभी भी महज 10 फीसदी घरों तक ही पाइपलाइन से वह भी मेन लाइन को तोड़कर कुछ घरों में लोगों ने पानी का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। वर्ष 2008 में तत्कालीन विधायक विजय जॉली ने इस क्षेत्र में पानी की पाइपलाइन का प्रस्ताव दिया था। 

दर्जनों ब्लॉक-कॉलोनियां पानी के लिए टैंकर, ट्यूबवेल पर निर्भर

संगम विहार में ए, बी, सी, डी, ई, एफ, एफ वन, एफ टू, एफ थ्री, जी, जी-वन, जी टू, एच, आई, जे, जे-वन, टू, थ्री, ए, ए-1, ए2, एल, एल-1, 2, एम, एम-2 ब्लॉक के अलावा देवली गांव, दुर्गा विहार, देवली नई बस्ती, देवली विस्तार, राजू पार्क, बिहारी पार्क और खानपुर एक्सटेंशन में के निवासी पानी के लिए टैंकर, ट्यूबवेल और बोतलबंद पानी पर निर्भर हैं। 

लाखों की कमाई का जरिया बन गया पानी की किल्लत
पीने के पानी के लिए आरओ के बोतलबंद पानी का कारोबार संगम विहार क्षेत्र की हर गली में फैला हुआ है। रोज औसतन करीब 20 लाख रुपये के बोतलबंद पानी का कारोबार इस क्षेत्र हैं। जानकारों का कहना है कि पानी की किल्लत से इस कारोबार में शामिल लोगों के वारे न्यारे हैं। 

लोग कहते हैं...
इलाके के रहने वाले अजय ने कहा कि पानी की सप्लाई न होने की वजह से बोतलबंद और ट्यूबवेल के पानी का इस्तेमाल करते हैं। अगर, अधिक जरूरत होती है तो टैंकर के पानी से परिवार का काम चलता है। 

सतीश का कहना है कि सोनिया विहार की पाइपलाइन महज कुछ घरों तक पहुंची है, वहां भी पानी की आपूर्ति नियमित नहीं है। इस क्षेत्र में पानी की कमी की समस्या को तुरंत दूर किया जाना चाहिए। 

दिलावर सिंह ने बताया कि पानी की कमी है, जिसे पूरा करने के लिए ट्यूबवेल के पानी का इस्तेमाल करते हैं। सरकारी ट्यूबवेलों से मिलने वाले पानी को जमा कर, बाद में इस्तेमाल किया जाता है। 

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