दोनों सरकारों से बात कर मंत्री ने टाला जल संकट, नहीं बंद होगा दिल्ली का पानी
- जल मंत्री दोनों सरकारों से बात करके फिलहाल जल संकट टालने में हुए कामयाब
- हरियाणा ने पानी की कटौती बंद की और उत्तर प्रदेश ने पानी बंद नहीं करने का आश्वासन दिया
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हरियाणा से यमुना नदी में पानी कम आने और उत्तर प्रदेश सरकार के पानी देने में हाथ खड़े कर देने पर दिल्ली सरकार हरकत में आ गई है। दिल्ली सरकार ने राजधानी को पेयजल संकट से बचाने के लिए शुक्रवार को हरियाणा व उत्तर प्रदेश सरकार से बात की।
दिल्ली सरकार ने दोनों सरकारों से पानी बंद नहीं करने का आग्रह किया। इसका परिणाम शाम तक सामने भी आ गया। हरियाणा ने यमुना नदी में अधिक पानी छोड़ना आरंभ कर दिया और उत्तर प्रदेश सरकार ने गंग नहर से नियमित तौर पर पूरा पानी देने का आश्वासन दिया।
राजधानी को पड़ोसी राज्यों से पूरा पानी दिलाने के लिए दिल्ली सरकार की ओर से जल मंत्री कपिल मिश्रा ने कमान संभाली। उन्होंने सुबह राजधानी को मिल रहे पानी और जल बोर्ड के समस्त संयंत्रों में पानी का उत्पादन के संबंध में उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की।
इस दौरान पूरी जानकारी लेने के बाद उन्होंने बारी-बारी से उत्तर प्रदेश सरकार और हरियाणा सरकार के सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बात की।
दिल्ली सरकार के अनुसार कपिल मिश्रा ने दोनों सरकारों के अधिकारियों से आग्रह किया कि वह दिल्ली का न तो पानी बंद करें और न ही कटौती करें।
पूरे विश्व में हो सकती थी दिल्ली की बदनामी
ऐसा करने से दिल्ली में हा-हाकार मच जाएगा और इसके चलते पूरे विश्व में देश की बदनामी होगी, क्योंकि दिल्ली में समस्त देशों के दूतावास है और बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक एवं अन्य लोग आए रहते है।
पानी के मामले में दिल्ली करीब-करीब पड़ोसी राज्यों पर ही निर्भर है। कपिल मिश्रा के आग्रह के बाद हरियाणा ने यमुना नदी में अधिक पानी छोड़ना आरंभ कर दिया।
इसके चलते शुक्रवार की शाम यमुना नदी स्थित वजीराबाद स्थित बैराज में पानी का स्तर एक मीटर बढ़ गया। जल बोर्ड के अधिकारियों के मुताबित शनिवार की दोपहर तक बैराज में पानी का स्तर सामान्य हो जाएगा।
उधर, उत्तर प्रदेश सरकार ने कपिल मिश्रा को आश्वासन दिया कि फिलहाल गंग नहर से दिल्ली को दिए जाने वाले पानी को न तो बंद किया जा रहा है और न ही पानी की कटौती करने का इरादा है।