पाकिस्तानी जासूसों को मुहैया कराता था सिम, आरोपी गिरफ्तार
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एयरफोर्स के एयर क्राफ्टमैन रंजीत के के को गिरफ्तार करने के बाद अब अपराध शाखा ने जासूसी मामले में पहले पकड़े गए पांच आरोपियों को प्री-एक्टिवेटेड मोबाइल सिम उपलब्ध कराने वाले आरोपी को दबोचा है।
आरोपी की पहचान अलवर, राजस्थान निवासी अंकुश खंडेलवाल के रूप में हुई है। पुलिस की मानें तो आरोपी ने देश की सुरक्षा ताक में रखकर जासूसों को मोबाइल सिम उपलब्ध कराए थे।
पुलिस ने आरोपी के पास से एक्टिव 205 सिम कार्ड, पांच मोबाइल व फर्जी आईडी पर भरे हुए 28 लोगों के फॉर्म बरामद किए हैं। आरोपी से पूछताछ कर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
नकली आईडी पर चालू कराता था नंबर
अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि शुरुआत में पकड़े गए पांचों जासूसों से पूछताछ के बाद पता चला था कि यह लोग बॉर्डर के उस पार पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव (पीआईओ) को जानकारी देने के लिए वोडाफोन के प्री-एक्टिवेटेड सिम का इस्तेमाल कर रहे थे।
इन नंबर की जब जांच की गई तो पता चला कि नंबरों को फर्जी आईडी पर चालू कराया गया था। इन सिम कार्ड को न सिर्फ जासूस इस्तेमाल कर रहे थे, बल्कि देश की सुरक्षा से भी इन नंबरों से खिलवाड़ किया जा रहा था।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि नंबरों को सेक्टर-5 रोहिणी स्थित अंकुश खंडेलवाल की दुकान से लिया गया था। पुलिस ने आरोपी के यहां छापा मारकर उसे दबोच लिया। अंकुश ने बताया कि वह नकली आईडी पर नंबर चालू कराकर पांच सौ रुपये में बेचता था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। पुलिस के मुताबिक, मूलरूप से अलवर का रहने वाला अंकुश राजस्थान से राजनीति विज्ञान से एमए है।