Delhi: पुरानी दिल्ली के इतिहास से रूबरू हो रहे दर्शक, एक्सपो में बस करवा रही है हिमाचल की सैर
पुरानी दिल्ली में स्थित 150 वर्ष पुरानी हवेलियों में दर्ज इतिहास दर्शकों को आकर्षित कर रहा है। आधुनिकता के दौर में किस तरह से पुरानी दिल्ली ने अपनी ऐतिहासिकता, विरासत व धरोहर को संजो कर रखा है, उन्हें तस्वीरों के माध्यम से बताया जा रहा है।
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‘दिल्ली के न थे कूचे, औराक-ए-मुसव्वर थे। जो शक्ल नजर आई तस्वीर नजर आई।’ मीर तकी मीर का ये शेर पुरानी दिल्ली की दास्तां को सटीक बयां करता है। अगर आप पुरानी दिल्ली की ऐतिहासिकता, हवेलियां, संस्कृति व इतिहास से रूबरू होना चाहते हैं तो आपके लिए प्रगति मैदान में चल रहा अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय एक्सपो खास है।
पुरानी दिल्ली में स्थित 150 वर्ष पुरानी हवेलियों में दर्ज इतिहास दर्शकों को आकर्षित कर रहा है। आधुनिकता के दौर में किस तरह से पुरानी दिल्ली ने अपनी ऐतिहासिकता, विरासत व धरोहर को संजो कर रखा है, उन्हें तस्वीरों के माध्यम से बताया जा रहा है। इसमें मशहूर शायर मिर्जा गालिब की हवेली से लेकर सीता राम बाजार, नील कटरा व गली कूचों की महत्वपूर्णता को दर्शाया गया है।
यही नहीं, पुरानी दिल्ली के खानपान की भी खुशबू लोगों को अपनी ओर खींच रही है। साथ ही पुरानी हवेलियों में रखे जाने वाले उपकरण ग्रामोफोन, पान दान, फर्नीचर भी लुभा रहे हैं। स्टॉल पर पहुंचते ही लोगों को पुरानी दिल्ली का अनुभव होने लगता है। वहां के लोगों की दिनचर्या को बखूबी रूप से दिखाया गया है। यहां 19वीं सदी से लेकर वर्ष 2016 तक की बदलती हवेलियों को दिखाने की कोशिश की गई है।
सीताराम बाजार में स्थित कथिका कल्चरल सेंटर एंड म्यूजियम में पुरानी दिल्ली की ऐतिहासिकता को संजोने वाले अतुल खन्ना बताते हैं कि उनका जन्म पुरानी दिल्ली में ही हुआ था, लेकिन कुछ समय बाद उन्हें जगह को छोड़ना पड़ा था। उन्हें हर वक्त पुरानी दिल्ली की यादें सताती थी, जिससे उन्हें आने वाली पीढ़ी को बताते व दिखाने की ठानी और एक म्यूजियम तैयार किया। हवेली तैयार है बस अब लोगों का इंतजार है।
भगवान विष्णु और गणेश की मूर्तियां भी मौजूद
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) द्वारा ऐतिहासिक मूर्तियों को प्रदर्शित किया गया है। यहां लोगों को मध्यप्रदेश में 10वीं सदी की मिली भगवान विष्णु व ओडिशा में मिली 13वीं सदी की गणेश की मूर्तियां आकर्षित कर रही हैं। साथ ही, राजस्थान से मिले 12वीं सदी के पूर्ण कुंभ सहित स्तंभ, शुंग काल की मूर्तियों को भी पेश किया गया। एएसआई यहां आने वाले लोगों को खुदाई के बारे में भी जागरूक कर रहा है।
बस करवा रही है हिमाचल की सैर
एक्सपो में एक बस ऐसी भी प्रदर्शित की गई है जो कि आर्टिफिशयल इंटेलीजेंस (एआई) के माध्यम से हिमाचल प्रदेश की सैर करवा रही है। आप भले ही किसी भी राज्य में क्यों न हो, लेकिन बस के अंदर जाते ही वह हिमाचल के वातावरण व संस्कृति के बारे में अहसास कराती है। इसमें अटल टनल से लेकर वहां की वादियों की झलक दिखा रही है। गुरुग्राम की एक कंपनी इसे संचालित कर रही है। कंपनी से जुड़ी मोनिका दास व अपूर्वा दीक्षित बताती हैं कि देश में कई विदेशी महमान आते हैं, लेकिन उन्हें एक से अधिक राज्यों के इतिहास के बारे में बताना थोड़ा मुश्किल होता है।