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ससुर से मिली ग्रामीण विकास की प्रेरणा और बन गईं प्रधान

Mon, 07 Mar 2016 11:44 AM IST
प्रगति मिश्रा/अमर उजाला, नोएडा
प्रगति मिश्रा/अमर उजाला, नोएडा Updated Mon, 07 Mar 2016 11:44 AM IST
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vimlesh became gram pradhan with inspiration of his father in law
vimlesh sharma - फोटो : प्रगति मिश्रा

कहते हैं कि शिक्षित लोग यदि राजनीति से जुड़ें तो वह देश और समाज की बेहतरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। ऐसी ही सोच ने विमेलश शर्मा को ग्रामीण राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

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निठारी की ग्राम प्रधान विमलेश ने बताया कि बचपन से ही वह समाज के लिए कुछ करना चाहती थी। इसके लिए उन्हें अपने पिता से प्रेरणा मिली। लेकिन 19 साल की उम्र में शादी हो जाने के बाद वह किस तरह से समाज सेवा से जुड़े यह उनके लिए बड़ा प्रश्न था।
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विमलेश ने कहा कि उनकी शादी के कुछ समय बाद उनके ससुर भजनलाल शास्त्री ने उन्हें बताया कि उनके गांव में अधिकांश लोग अशिक्षित हैं। विमलेश डीयू से ग्रेजुएट थी तो वह इन लोगों को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
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ससुर की प्रेरणा से विमलेश गांव के लोगों को मुफ्त शिक्षा देने और उन्हें धार्मिक ग्रंथ पढ़कर सुनाने का कार्य करना शुरू किया। धीरे-धीरे गांव में विमलेश की लोकप्रियता बढ़ने लगी और लोगों ने उन्हें राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया।

2010 में बनी ग्राम प्रधान

vimlesh became gram pradhan with inspiration of his father in law
womens day

विमलेश ने बताया कि वह सन 1983 में अपने बच्चे का एडमीशन कराने के लिए स्कूल गई। उस वक्त उन्हें एहसास हुआ कि नोएडा में गरीब और मध्यम वर्ग के लिए अपने बच्चों को शिक्षा दिलाना आसान नहीं है।

उन्हें विचार आया कि यदि वह सक्रिय राजनीति से जुड़ती हैं, तो अपने गांव के विकास में योगदान दे सकती है। किसी राजनीतिक संगठन से जुड़ने से उन्हें गांव की समस्याएं उठाने के लिए एक मंच प्राप्त होगा।

जिसके बाद वह एक राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी की सदस्य बनी। सन 2010 में हुए ग्राम प्रधान के चुनाव में लोगों के अनुरोध पर उन्होंने ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ा। विमलेश के अनुसार उनके ससुर और पति ने इस कार्य में उनका सहयोग किया। चुनाव जीतकर विमलेश अपने ग्राम विकास के सपने को साकार करने की दिशा में अग्रसर हुई।

भविष्य की योजनाएं
विमलेश ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बस्ती है, यदि गांव का विकास होता है, तो ही देश आगे बढ़ सकता है। वह ग्रामीण विकास के लिए हर संभव कोशिश करेंगी। वह गांवों में शिक्षा के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। यदि गांव शिक्षित होंगे, तो देश का भी विकास होगा।

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