फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Vehicles will not enter under the aircraft at Delhi airport IoT devices are being installed

Delhi: एयरपोर्ट पर विमान के नीचे नहीं घुसेंगे वाहन, लगाई जा रही हैं आईओटी डिवाइस

Thu, 11 Aug 2022 07:31 AM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुराग सक्सेना Updated Thu, 11 Aug 2022 07:31 AM IST
सार

दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने दावा किया है कि डिवाइस लगाने का उद्देश्य ईंधन की बचत करना, सुरक्षा बढ़ाना, वाहनों के स्थानों को ट्रैक करना और उनके रखरखाव का समय निर्धारित करना है।

विज्ञापन
Vehicles will not enter under the aircraft at Delhi airport IoT devices are being installed
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा दिल्ली - फोटो : Delhi International Airport

विस्तार

दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर चलने वाले वाहन किसी विमान के नीचे नहीं घुसेंगे। पार्किंग एरिया में भी वाहन विमानों से नहीं टकराएंगे। दरअसल एयरपोर्ट पर चलने वाले सभी वाहनों में इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) डिवाइस लगाए जा रहे हैं। इससे वाहनों की ट्रैकिंग आसान होगी और उसे प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने से रोका जा सकेगा।

विज्ञापन


आईओटी डिवाइस वाहन से जुड़े हर डेटा की जानकारी एकत्रित करेगा। इसका यह भी फायदा होगा कि वाहन का इंजन तभी चलेगा होगा जब उसकी आवश्यकता होगी। इससे प्रदूषण भी कम होगा। पिछले दिनों ही एक वाहन प्रतिबंधित क्षेत्र में खड़े एक विमान के नीचे घुस गया था। इसे सुरक्षा में बड़ी चूक मानी गई थी।
विज्ञापन


इसे ध्यान में रखकर दिल्ली एयरपोर्ट पर चलने वाले वाहनों में आईओटी डिवाइस लगाने का फैसला लिया गया। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) ने दावा किया है कि डिवाइस लगाने का उद्देश्य ईंधन की बचत करना, सुरक्षा बढ़ाना, वाहनों के स्थानों को ट्रैक करना और उनके रखरखाव का समय निर्धारित करना है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अहम है कि एयरपोर्ट के भीतरी क्षेत्रों में करीब 1,000 डीजल और पेट्रोल से चलने वाले वाहनों का उपयोग होता है। आईओटी डिवाइस सुरक्षा नियमों और गति सीमा से उल्लंघन होते ही वाहन को काबू में कर लेगा। इससे करीब नौ प्रतिशत ईंधन बचाने में मदद मिलेगी। प्रति वर्ष लगभग 8,82,200 किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन नहीं होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed