अभी केएमपी की तीन लेन पर ही दौड़ सकेंगे वाहन
- ढाई सौ मीटर क्षेत्र को छोड़ इस सेक्शन का काम पूरा, पांच अप्रैल से उठा सकेंगे लाभ
- मानेसर-पलवल सेक्शन में छह लेन की शुरुआत में लगेगा अभी वक्त
- मानेसर-पलवल सेक्शन की लंबाई 52.33 किलोमीटर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) के मानेसर-पलवल सेक्शन का काम तकरीबन पूरा हो चुका है। इसे वेस्टर्न पेरीफेरल मार्ग कहा जाता है। पांच अप्रैल को केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी इसकी शुरुआत करेंगे।
हालांकि इसके ढाई सौ मीटर क्षेत्र में एक धार्मिक स्थल के आने और पहाड़ के कारण थोड़ी दिक्कत हो रही है। इसी कारण छह मार्गीय इस सेक्शन को पूरी तरह से नहीं खोला जाएगा। इसकी शुरुआत तीन लेन से होगी।
केएमपी के मानेसर-पलवल खंड के शुरू होने से परेशानियां हद तक कम हो जाएंगी। हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एचएसआईआईडीसी) के अधिकारियों का कहना है कि शुरुआत में भले ही ट्रैफिक के लिए तीन लेन को खोला जाएगा पर कुछ दिनों में अधूरे काम को पूरा कर तीन अन्य मार्ग की सेवा भी शुरू कर दी जाएगी।
मानेसर-पलवल सेक्शन के ढाई सौ मीटर क्षेत्र में एक धार्मिक स्थल आने से इसके अलाइनमेंट में थोड़ा बदलाव करना पड़ा है। वहीं दूसरी परेशानी पहाड़ को लेकर आई है। इसे भी काटा जा रहा है। कुछ ही दिनों में यह काम पूरा कर लिया जाएगा।
एमपी का यह सेक्शन 52.33 किलोमीटर लंबा है। इसके निर्माण पर करीब 458 करोड़ रुपये की लागत आई है। एचएसआईआईडीसी के सीनियर मैनेजर डीएस ढांडा का कहना है कि इस सेक्शन का काम पूरा हो गया है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल और पहाड़ के कारण ढाई सौ मीटर एरिया में काम अभी जारी है।
बढ़ानी पड़ी डेडलाइन
केसीसी बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड व दिलीप बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड (जेवी) की ओर से केएमपी मानेसर-पलवल सेक्शन का काम किया जा रहा है। इसे जनवरी, 2016 में पूरा होना था। बाद में इसकी डेडलाइन बढ़ा कर 31 मार्च, 2016 कर दी गई। प्रदेश तत्कालीन हुड्डा सरकार के कार्यकाल (2005) में केएमपी का काम शुरू हुआ था। बाद में बंद हो गया था। जब प्रदेश में भाजपा सरकार आई तो काम को आगे बढ़ाया गया।
केएमपी के मानेसर पलवल सेक्शन का काम पूरा गया है। इसे पांच अप्रैल को जनता के लिए खोल दिया जाएगा। यह काम निर्धारित समय पर पूरा कर लिया गया है। एक छोटे से सेक्शन पर काम चल रहा है। इसे भी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। इस काम का उद्घाटन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सुरेंदर देशवाल, सीनियर मैनेजर, एचएसआईआईडीसी
केएमपी के झज्जर-कुंडली सेक्शन का काम मार्च, 2018 में पूरा होगा
एचएसआईआईडीसी अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए काम आवंटित कर दिया गया है। थोड़ी तकनीकी परेशानी आ रही है। जिसे दूर कर लिया जाएगा। इस सेक्शन पर अधिकतर फ्लाई ओवरों का निर्माण नहीं हुआ है। इसी कारण इसे शुरू करने में अभी समय लगेगा।
मानेसर-पलवल सेक्शन से यह फायदा
मानेसर-पलवल सेक्शन के खुलने से राज्यों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ जाएगी। इसका सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि राष्ट्रीय राजमार्ग-8 और राष्ट्रीय राजमार्ग-2 आपस में जुड़ जाएंगे। आगरा-जयपुर के बीच की राह इससे आसान हो जाएगी।
केएमपी के इस रूट पर चार टोल प्लाजा हैं। मगर इन्हें अभी नहीं खोला जाएगा। एक ट्रक ई-वे भी बनाया गया है। जब केएमपी पूर्ण हो जाएगा तो वाहनों को बिना दिल्ली-एनसीआर के आंतरिक शहर में प्रवेश के ही बाहर-बाहर निकलने का लाभ मिलेगा।
इससे चंडीगढ़, पंजाब व अन्य राज्यों में जाने के लिए दिल्ली का रुख नहीं करना पड़ेगा। गुड़गांव के अंदर बाहरी वाहन नहीं घुसेंगे। गुड़गांव, मानेसर, कुंडली, राई, धारूहेड़ा, बावल, भिवाड़ी, रोजकामेव व बहादुरगढ़ के औद्योगिक हब आपस में कनेक्ट हो जाएंगे।
केएमपी के मानेसर-पलवल सेक्शन के शुरू होने से अभी उद्योगों को कोई खास लाभ नहीं होगा। मगर जयपुर की ओर से पलवल और फरीदाबाद जाने वाले कॉमर्शियल वाहनों को बिना गुड़गांव में प्रवेश किए निकल सकते हैं। - मनोज त्यागी, महासचिव, आईएमटी मानेसर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन
केएमपी के पहले सेक्शन के खुलने से थोड़ी राहत जरूर मिलेगी। इससे आगरा-जयपुर हाइवे कनेक्ट हो जाएगा। उद्योगों को भी इससे थोड़ा फायदा होगा। - परवीन यादव, अध्यक्ष, गुड़गांव उद्योग एसोसिएशन
केएमपी के साथ आने वाले प्रोजेक्ट
- 280 हेक्टेयर की लेदर सिटी (तावडू)
- मेडिकल सिटी (मेवात-गुड़गांव)
- 220 हेक्टेयर की फैशन सिटी (सोहना)
- एनएच-8 पर 140 हेक्टेयर की इंटरटेनमेंट सिटी
- 750 हेक्टेयर की लेजर सिटी
- 260 हेक्टेयर की दिल्ली के प्रगति मैदान की तर्ज पर वर्ल्ड ट्रेड सेंटर
- दिल्ली की आजादपुर की तर्ज पर रिटेल मंडी (एनएच-8)
- फाइनेंशियल हब
- सॉफ्ट ट्रेडिंग सेंटर
- आईटी फैसलिटी
- वोकेशनल सेंटर (अपैरल, मैन्यूफक्चरिंग और फैब्रिक संस्थान)
- आरएंडडी इंस्टीट्यूशन
- राजीव गांधी एजूकेशन सिटी
- अर्बल कांप्लेक्स
- इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप
- कुंडली में फूड पार्क
- उद्योग विहार में जेम्स एंड जूलरी पार्क
- अपैरल पार्क एक गुड़गांव दूसरा बाहरी सोनीपत में
- बहादुरगढ़ में फुटवियर एंड लेदर गारमेंट पार्क
उद्योगाें को केएमपी से ये फायदे
- राज्यों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ जाती
- औद्योगिक वाहन बिना शहर प्रवेश के बाहर-बाहर निकल जाते
- चंडीगढ़, पंजाब व अन्य राज्यों में जाने के लिए दिल्ली का रुख नहीं करना पड़ता
- ट्रैफिक जाम की समस्या खत्म हो जाती
- अनावश्यक रूप से गुड़गांव के अंदर बाहरी वाहन नहीं घुसते
- औद्योगिक माल ढुलाई में तेजी आती
- उद्योगाें का माल एक स्थान से दूसरी स्थान पर भेजने में खर्च नहीं आता
- गुड़गांव, मानेसर, कुंडली, राई, धारूहेड़ा, बावल, भिवाड़ी, रोजकामेव व बहादुरगढ़ के औद्योगिक हब आपस में कनेक्ट हो जाते
केएमपी एक नजर में
- लंबाई 135.6 किलोमीटर
- आधिकारिक रूप से इसे वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे कहा जाता है
- इसका निर्माण तीन सेक्शन में हो रहा है
- हर सेक्शन की लंबाई तकरीबन 45 किलोमीटर है
- इसमें चार नेशनल हाइवे हैं (एनएच-1, 2, 8 व 10)
- 52 अंडर पासेज
- 23 ओवर पासेज
- 16 अंडर क्रॉसिंग
- 33 कृषि वाहनों के लिए अंडर पास
- 31 कैटल क्रॉसिंग
- 04 रेलवे ओवर ब्रिज
- 18 बड़े और छोटे पुल
- 292 जल निकासी के स्थान
- 02 ट्रक पार्किंग