{"_id":"60cde8101ccc25099f0ce829","slug":"vaccine-dose-given-to-children-of-6-to-12-years-in-aiims","type":"story","status":"publish","title_hn":"एम्स में 6 से 12 साल के बच्चों को दी गई वैक्सीन की खुराक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एम्स में 6 से 12 साल के बच्चों को दी गई वैक्सीन की खुराक
Sat, 19 Jun 2021 06:20 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Sat, 19 Jun 2021 06:20 PM IST
सार
- अभी तक 12 से 18 साल के बच्चों को ही दी गई है वैक्सीन
विज्ञापन
एम्स दिल्ली
- फोटो : फाइल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
एम्स में बच्चों पर कोरोना वैक्सीन के ट्रायल में शुक्रवार को 6 से 12 साल के बच्चों को वैक्सीन की खुराक दी गई। टीका लगाने के बाद बच्चों को घर भेज दिया गया है। इससे पहले 12 से 18 साल के बच्चों को कोवाक्सिन की डोज दी जा चुकी है और इस आयुवर्ग का ट्रायल पूरा हो चुका है।
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, कुछ बच्चों को वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है। ये बच्चे 6 से 12 साल के बीच के थे। इसके बाद 2 से 6 साल के बीच के बच्चों को परीक्षण में शामिल किया जाएगा। जिन बच्चों को वैक्सीन लगाई गई है। वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं। डॉक्टरों की एक टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।
भारत के दवा नियामक ने कोवैक्सीन का दो साल के बच्चे से ले कर 18 साल की उम्र के किशोरों पर परीक्षण करने की मंजूरी 12 मई को दे दी थी। इससे पहले पटना स्थित एम्स में बच्चों में यह पता लगाने के लिए परीक्षण शुरू हो चुका है कि क्या भारत बायोटेक के टीके बच्चों के लिए ठीक हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, कुछ बच्चों को वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है। ये बच्चे 6 से 12 साल के बीच के थे। इसके बाद 2 से 6 साल के बीच के बच्चों को परीक्षण में शामिल किया जाएगा। जिन बच्चों को वैक्सीन लगाई गई है। वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं। डॉक्टरों की एक टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।
विज्ञापन
भारत के दवा नियामक ने कोवैक्सीन का दो साल के बच्चे से ले कर 18 साल की उम्र के किशोरों पर परीक्षण करने की मंजूरी 12 मई को दे दी थी। इससे पहले पटना स्थित एम्स में बच्चों में यह पता लगाने के लिए परीक्षण शुरू हो चुका है कि क्या भारत बायोटेक के टीके बच्चों के लिए ठीक हैं।
विज्ञापन