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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Urmila, who died in the Mercedes accident, saw her final wish remain unfulfilled; only her eyes could be donated.

Delhi NCR News: मर्सिडीज हादसे में मृत उर्मिला की आखिरी इच्छा भी अधूरी, सिर्फ आंखें हो सकीं दान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 10 Aug 2026 08:46 PM IST
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-नरेला में मर्सिडीज और वैगन आर के टक्कर में मृत उर्मिला के परिवार वाले उनका अंगदान करना चाहते थे, लेकिन देर होने की वजह से आंख ही दान कर पाए
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-परिवार आरोपी को जमानत मिलने से जताई नाराजगी, न्याय दिलाने की मांग की
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नरेला में मर्सिडीज कार की चपेट में आने से मृत उर्मिला की आखिरी ख्वाहिश थी कि उनकी आखिरी सांस के बाद उनके अंग को दान कर दिया जाए, ताकि उनकी मौत के बाद भी किसी का जीवन मिल पाए। सड़क हादसे के बाद उनके बेटे प्रमोद भारद्वाज ने हर संभव कोशिश की, लेकिन उनका आरोप है कि पुलिस की लापरवाही से वह सिर्फ अपनी मां की आंख ही दान कर सके।
घटना के दिन के बारे में प्रमोद ने बताया कि हादसा होते ही वह तुरंत उन्हें हरिशचंद अस्पताल लेकर गए। दो घंटे तक उनका कोई मेडिकल रिपोर्ट नहीं आया। कई बार फोन करने के बाद पुलिस वहां पहुंची और कहा कि पोस्टमार्टम के लिए जगजीवन राम अस्पताल लेकर जाओ। वहां पर हम उनका अंग दान करना चाहते थे, तो पुलिस ने फोन पर बताया कि प्राथमिकी दर्ज हो रही है। वहां से नरेला थाने पहुंरे और फिर उनसे आग्रह कर एक पुलिसकर्मी को लेकर बाबू जगजीवन राम अस्पताल पहुंचा। तब जाकर सिर्फ आंख दान कर पाए।
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उन्होंने बताया कि अंत्येष्टि करने के बाद वह रात में थाने गए और मामले की स्टेटस के बारे में जानकारी मांगी। तब उन्होंने प्राथमिकी की कॉपी दी। घायल हुए वैगन आर के चालक नरेंद्र के बयान पर मामला दर्ज किया गया था और इसमें उनकी मां का थोड़े से जिक्र है। उन्होंने आरोप लगाया कि हादसे में जिसकी मौत हुई उसके परिवार वालों का कोई बयान दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सबने देखा कि चालक नशे में वारदात को अंजाम दिया और उसे जमानत दे दी गई।
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आरोपी का नशा कम करने को पुलिस खिला रही थी पान : प्रमोद का आरोप है कि हादसे के समय आरोपी शुभम नशे में था। उसका मेडिकल करवाने में पुलिस ने काफी देर कर दी। उनके एक रिश्तेदार पवन कुमार ने बताया कि आरोपी का मेडिकल कराने के बजाय पुलिस उसे पान सुपारी खिला रही थी। ताकि कई घंटों के बाद मेडिकल होने पर उसमें शराब की पुष्टि नहीं हो पाए।
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