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फरीदाबाद से फिर भाजपा के सारथी बने ‘कृष्ण’, विरोधियों को दिया करारा जवाब
Sun, 07 Apr 2019 09:58 AM IST
vivek shukla
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 07 Apr 2019 09:58 AM IST
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लोकसभा चुनाव में कृष्णपाल गुर्जर एक बार फिर फरीदाबाद से भाजपा के सारथी होंगे। शनिवार को उनके टिकट की घोषणा के साथ ही उनके समर्थकों के बीच खुशी का माहौल दिखा। गुर्जर के कार्यालय पर ढोल नगाड़ों के बीच समर्थक जमकर झूमे। कृष्णपाल गुर्जर की टिकट कटवाने के लिए साजिश रच रहे विरोधियों को भी करारा झटका लगा है।
टिकट कटवाने की साजिश में कभी शहर में कृष्णपाल के विरोध में बैनर लगे तो कभी कई गांवों के सरपंचों के फर्जी तरीके से लिए गए लेटरहैड पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को पत्र लिखा था, जोकि शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इसके बावजूद कृष्णपाल ने अपने विरोधियों को पस्त कर दिया। पार्टी नेतृत्व ने एक बार फिर उन पर विश्वास जताया है।
पिछले लोकसभा चुनाव में कृष्णपाल गुर्जर को प्रदेश की दस सीटों में सर्वाधिक मतों 6,52,516 मत मिले थे। उनके निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस से अवतार सिंह भड़ाना को 1,32,472 वोट मिले थे। कांग्रेस प्रत्याशी अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए थे। गुर्जर ने 4.66 लाख से अधिक वोटों से जीत दर्ज की थी।
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फरीदाबाद लोकसभा क्षेत्र से भाजपा टिकट के लिए पूर्व सांसद स्व. रामचंद्र बैंदा के बेटे दयानंद बैंदा ने भी दावेदारी की थी। मगर कृष्णपाल गुर्जर के कद और पिछली जीत के अंतर के आगे बैंदा की दावेदारी धरी रह गई। कृष्णपाल के सामने कोई मजबूत दावेदार नहीं होने के कारण उनकी टिकट पहले ही तय मानी जा रही थी। टिकट मिलने के बाद बैंदा ने भी कृष्णपाल गुर्जर को फोन पर बधाई और शुभकामनाएं दी।
टिकट कटवाने को रची जा रहीं थी साजिश
केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर का टिकट कटवाने के लिए उनके विरोधी साजिश रचने में भी पीछे नहीं रहे। कुछ दिन पहले शहर में रातोंरात कृष्णपाल के विरोध में प्रमुख चौक चौराहों पर बैनर लगे थे। इसी तरह पार्टी के हरियाणा लोकसभा प्रभारी कलराज मिश्र की जनसभा में भी कृष्णपाल विरोधी नारेबाजी भी की गई थी।
शुक्रवार को कई गांवों के सरपंचों के लेटरहेड पर कृष्णपाल की टिकट काटने को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के लिखे गए पत्र वायरल हुए। हालांकि बाद में सरपंचों ने इसे गलत बताया और पुलिस आयुक्त को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। कृष्णपाल गुर्जर की टिकट कटवाने को विरोधियों का यह दाव भी काम नहीं आया।
कृष्णपाल के कार्यालय पर जश्न का माहौल
कृष्णपाल गुर्जर के टिकट की घोषणा के साथ ही उनके कार्यालय पर समर्थकों में जश्न का माहौल था। ढोल नगाड़ों और आतिशबाजी के बीच समर्थक जमकर झूमे। जैसे ही कृष्णपाल समर्थकों को नेता जी की टिकट घोषित होने की सूचना मिली, वे उनके कार्यालय पर पहुंच गए। समर्थकों ने फूलमाला से उनका स्वागत किया और लड्डू खिलाकर उनका मुंह मीठा करवाया। जैसे-जैसे समर्थकों को उनकी टिकट घोषित होने की जानकारी मिल रही थी, वे उनके कार्यालय का रुख कर रहे थे। शाम तक राज्यमंत्री के कार्यालय पर समर्थकों का काफी जमावड़ा लग गया था।
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टिकट कटवाने की साजिश में कभी शहर में कृष्णपाल के विरोध में बैनर लगे तो कभी कई गांवों के सरपंचों के फर्जी तरीके से लिए गए लेटरहैड पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को पत्र लिखा था, जोकि शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इसके बावजूद कृष्णपाल ने अपने विरोधियों को पस्त कर दिया। पार्टी नेतृत्व ने एक बार फिर उन पर विश्वास जताया है।
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पिछले लोकसभा चुनाव में कृष्णपाल गुर्जर को प्रदेश की दस सीटों में सर्वाधिक मतों 6,52,516 मत मिले थे। उनके निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस से अवतार सिंह भड़ाना को 1,32,472 वोट मिले थे। कांग्रेस प्रत्याशी अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए थे। गुर्जर ने 4.66 लाख से अधिक वोटों से जीत दर्ज की थी।
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फरीदाबाद लोकसभा क्षेत्र से भाजपा टिकट के लिए पूर्व सांसद स्व. रामचंद्र बैंदा के बेटे दयानंद बैंदा ने भी दावेदारी की थी। मगर कृष्णपाल गुर्जर के कद और पिछली जीत के अंतर के आगे बैंदा की दावेदारी धरी रह गई। कृष्णपाल के सामने कोई मजबूत दावेदार नहीं होने के कारण उनकी टिकट पहले ही तय मानी जा रही थी। टिकट मिलने के बाद बैंदा ने भी कृष्णपाल गुर्जर को फोन पर बधाई और शुभकामनाएं दी।
टिकट कटवाने को रची जा रहीं थी साजिश
केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर का टिकट कटवाने के लिए उनके विरोधी साजिश रचने में भी पीछे नहीं रहे। कुछ दिन पहले शहर में रातोंरात कृष्णपाल के विरोध में प्रमुख चौक चौराहों पर बैनर लगे थे। इसी तरह पार्टी के हरियाणा लोकसभा प्रभारी कलराज मिश्र की जनसभा में भी कृष्णपाल विरोधी नारेबाजी भी की गई थी।
शुक्रवार को कई गांवों के सरपंचों के लेटरहेड पर कृष्णपाल की टिकट काटने को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के लिखे गए पत्र वायरल हुए। हालांकि बाद में सरपंचों ने इसे गलत बताया और पुलिस आयुक्त को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। कृष्णपाल गुर्जर की टिकट कटवाने को विरोधियों का यह दाव भी काम नहीं आया।
कृष्णपाल के कार्यालय पर जश्न का माहौल
कृष्णपाल गुर्जर के टिकट की घोषणा के साथ ही उनके कार्यालय पर समर्थकों में जश्न का माहौल था। ढोल नगाड़ों और आतिशबाजी के बीच समर्थक जमकर झूमे। जैसे ही कृष्णपाल समर्थकों को नेता जी की टिकट घोषित होने की सूचना मिली, वे उनके कार्यालय पर पहुंच गए। समर्थकों ने फूलमाला से उनका स्वागत किया और लड्डू खिलाकर उनका मुंह मीठा करवाया। जैसे-जैसे समर्थकों को उनकी टिकट घोषित होने की जानकारी मिल रही थी, वे उनके कार्यालय का रुख कर रहे थे। शाम तक राज्यमंत्री के कार्यालय पर समर्थकों का काफी जमावड़ा लग गया था।