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कहीं बेरोजगारी तो नहीं बढ़ा रही अपराध का ग्राफ!

Mon, 19 May 2014 05:01 PM IST
दीपक पांडेय/अमर उजाला, फरीदाबाद
दीपक पांडेय/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Mon, 19 May 2014 05:01 PM IST
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unemployment may raise crime graph in faridabad!

फरीदाबाद में बढ़ रहे अपराध को लेकर पुलिस व प्रशासन द्वारा अलग-अलग तर्क दिए जाते हैं। लेकिन किसी का ध्यान बढ़ती हुई बेरोजगारी की तरफ नहीं जाता। जो अपराध का ग्राफ बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण कारण हो सकता है।

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पुलिस विभाग के अधिकारी और मनोवैज्ञानिक भी इस बात से इत्तफाक रखते हैं कि बेरोजगार युवाओं के अपराध के दलदल में फंसने की अधिक  संभावना रहती है। जिला रोजगार कार्यालय की एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले तीन महीने में 1138 बेरोजगार अपना नाम रजिस्टर्ड करवा चुके हैं।
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इनमें 60 प्रतिशत से अधिक पुरुष शामिल हैं। बेरोजगार युवकों की संख्या 820 व युवतियों की संख्या 318 है। बेरोजगारों में अधिकांश की उम्र 18 से 27 वर्ष के बीच है। इसी उम्र में युवा सबसे अधिक भटकाव महसूस करता है।
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एमबीए व बीएससी होल्डर भी शामिल
बढ़ती प्रतिस्पर्धा के दौर में एमबीए व बीएससी की डिग्री लेकर भी नौकरी पाने की गारंटी नहीं ली जा सकती है। क्योंकि रोजगार कार्यालय में नाम लिखवाने वाले लोगों में एमबीए व बीएससी होल्डर भी शामिल हैं। इसके अलावा बीए, बीकॉम व एमए करने वाले विद्यार्थियों की भी संख्या काफी है।

नाम लिखवाने के बाद भी बेरोजगार हैं तो मिलेगा भत्ता
रोजगार कार्यालय में नाम लिखवाने के तीन साल बाद तक भी अगर आप बेरोजगार हैं तो सरकार की तरफ से आपको भत्ता जारी होता है। जिसमें 12वीं पास को 500 रुपये बीएससी वाले को 750 रुपये व जबकि महिलाओं को 900 रुपये व बीए पास को 700 रुपये प्रतिमाह भत्ता जारी किया जाता है। लेकिन भत्ता देने से पहले विभाग द्वारा जांच की जाती है। यह लाभ तब मिलता है जब नाम रजिस्टर्ड करवाने वाले युवक के परिवार की वार्षिक आय 50 हजार से कम हो।

एसीपी क्राइम देवेन्द्र यादव बताते हैं, बढ़ती बेरोजगारी अपराध बढ़ने का कारण हो सकता है। अपराधिक मामलों में पकडे़ गए अधिकतर आरोपी बेरोजगार भी होते हैं। क्योंकि बेरोजगार युवक के भटकने की संभावना अधिक रहती है। जिससे इंकार नहीं किया जा सकता है।

 
समाजशास्त्री डॉ. अतर सिंह का कहना है कि खाली दिमाग शैतान का घर होता है। ऐसे में बेरोजगारी अपराध बढ़ने का एक मुख्य कारण मानी जा सकती है। युवाआें के बेरोजगारी के कारण भटकने की संभवना अधिक होती है। और वह पैसे या ग्लैमर के चलते अपराध के दलदल में फंस जाते हैं।

कुल --1131 बेरोजगारों का रजिस्ट्रेशन (तीन माह)
12वीं पास-- 382
10वीं---241
बीए------- 43
बीएससी---11
बीकॉम --- 38
एमए----- 13
एमएससी--- 4
एमकॉम ---- 9
बीबीए---10
एमबीए--10

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