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रहें बेखौफ: रैगिंग पर बिना डरे यूजीसी को करें शिकायत, इस टोल फ्री नंबर पर करें कॉल

Tue, 08 Mar 2022 09:45 AM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Tue, 08 Mar 2022 09:45 AM IST
सार

यूजीसी अध्यक्ष रैगिंग मामलों में खुद निगरानी कर रहे हैं। आयोग ने हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में रैंकिंग मामले में प्रिंसिपल से जांच रिपोर्ट मांगी है।

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UGC on ragging encourage students to Complain to anyone at any time without any fear
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

पोस्ट कोविड दौर में कैंपस पहुंचने वाले नए छात्रों को रैगिंग से बचाने के लिए अब यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) का शिकायत प्रकोष्ठ तीसरी आंख की तरह काम करेगा। 24 घंटे सातों दिन इस पर पीड़ित विद्यार्थी शिकायत कर सकेंगे। इसके तुरंत बाद आयोग संबंधित कॉलेज प्रशासन को सतर्क करेगा और कमेटी के गठन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। तयशुदा समय में कॉलेज प्रशासन को सुनिश्चित करना होगा कि पीड़ित विद्यार्थी को सही समाधान मिले।

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हाल में ही यूजीसी के संज्ञान में आया था कि कोविड के बाद कैंपस खुलते ही उत्तराखंड के हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में सीनियर्स ने एमबीबीएस के पहले वर्ष के 29 छात्रों के साथ रैगिंग की। आयोग का कहना है कि इसे बेहद गंभीर मामला माना गया है और कॉलेज प्रिंसिपल से पूरी घटना की विस्तार से रिपोर्ट मांगी गई है। इसके अलावा पीड़ित छात्रों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम से लेकर मानसिक परेशानी से निजात के लिए काउंसलिंग करवाने का भी निर्देश दिए गए हैं।
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रैगिंग एक दंडनीय अपराध, ऐसे करें शिकायत
कोई भी छात्र किसी भी समय यूजीसी के टोल फ्री नंबर 1800-180-5522 पर फोन करके सीधे भी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है। शिकायत मिलते ही आयोग की टीम संबंधित कॉलेज प्रशासन को उसकी जानकारी देगी। कॉलेज को उसी समय कमेटी गठित करके मामले की जांच शुरू करनी होगी, ताकि जल्द से जल्द पीड़ित को न्याय और दोषियों को सजा मिल सके। यदि कोई कॉलेज या संस्थान रैगिंग मामले में समय से जांच नहीं करता है और रैगिंग को रोकने में नाकाम रहता है, तो आयोग के पास उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने का भी प्रावधान है।
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ऑनलाइन देना होगा सत्यापित पत्र
आयोग ने मेडिकल, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी, आर्किटेक्चर समेत अन्य सभी विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों को अक्तूबर 2021 में रैगिंग रोधी शपथ-पत्र दाखिल करने को लेकर संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत सभी छात्रों को दाखिले के समय उन्हें लिखकर देना होगा कि वे किसी भी रैगिंग मामले में शामिल नहीं होंगे। इसमें उनके माता-पिता या अभिभावक के भी हस्ताक्षर होंगे कि उनका बेटा या बेटी रैगिंग से दूर रहेंगे।


हर छात्र को रैंगिंग मुक्त कैंपस उपलब्ध करवना हमारा मकसद: यूजीसी
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष प्रो. एम जगदीश कुमार रैगिंग एक दंडनीय अपराध है। हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में घटित रैगिंग मामले में कॉलेज प्रिंसिपल से पूरी रिपोर्ट मांगी है। छात्रों को न्याय मिलेगा और दोषियों को सजा। छात्र बिना डरे यूजीसी टोल-फ्री हेल्पलाइन पर भी सातों दिन 24 घंटे फोन कर शिकायत दे सकते हैं। शिकायत मिलते ही संबंधित कॉलेज को सूचना दी जाएगी और उन्हें तत्काल जांच शुरू करनी होगी। हमारा मकसद हर छात्र को रैंगिंग मुक्त कैंपस उपलब्ध करवाना है।

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