पीड़िता का बयान बना शिव के गले की फांस
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उबर कैब रेप मामले में बृहस्पतिवार को अंतिम जिरह शुरू करते हुए अभियोजन पक्ष ने कहा कि पीड़िता का बयान भरोसेमंद है तो केवल इस बयान के आधार पर ही आरोपी को दोषी ठहराकर सजा सुनाई जा सकती है। इस मामले की अगली सुनवाई अब सोमवार को होगी।
तीस हजारी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कावेरी बवेजा के समक्ष जिरह करते हुए विशेष लोक अभियोजन अधिकारी अतुल श्रीवास्तव ने कहा कि दुष्कर्म के मामले में अगर पीड़िता का बयान विश्वसनीय है तो किसी अन्य गवाह या साक्ष्य से आरोपों की पुष्टि की आवश्यकता नहीं है।
केवल पीड़िता के बयान के आधार पर ही आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई जा सकती है।
कई बार मारे थप्पड़ और गला भी दबाया
अभियोजन ने पीड़िता के बयान का हवाला देते हुए कहा कि आरोपी ने पीड़िता को कई बार थप्पड़ मारे और दोनों हाथों से उसका गला दबाया।
आरोपी ने पीड़िता से दुष्कर्म किया और इसकी पुष्टि डॉ कावेरी के बयान से हुई है। अभियोजन ने कहा कि पीड़िता के गले पर खरोंच के निशान के बारे में डॉ. कावेरी ने बताया कि यह निशान किसी का गला दबाने पर बनते हैं।
केस की सुनवाई के दौरान बृहस्पतिवार को कोर्ट में शिव कुमार यादव की पत्नी व दो नाबालिग बेटियां भी मौजूद थीं।
आरोपी ने हाईकोर्ट में की अपील
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता धर्मेंद्र कुमार मिश्रा ने कोर्ट के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देने के लिए समय मांगा।
बचाव पक्ष ने अभियोजन के सभी 28 गवाहों को दोबारा गवाही के लिए बुलाने को आवेदन दायर किया था जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था।
शिव कुमार यादव ने निचली अदालत के आदेश को बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट में चुनौती दी। अदालत ने बुधवार को बचाव पक्ष के उस आवेदन को खारिज कर दिया था, जिसमें अभियोजन के सभी गवाहों को दोबारा बुलाने की मांग की गई थी।