Delhi: गैंगस्टर के भाई की हत्या करने वाले दो शूटर मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार, दोनों शूटरों के पैरों में लगी गोली
नोएडा में रहने वाला सूरज मान 19 जनवरी को घर के पास स्थित जिम जा रहा था। तभी तीन बदमाश मोटरसाइकिल पर आए और उस पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। आरोपियों ने कुल 18 गोलियां चलाईं थीं। इनमें से पांच सूरज मान को लगी थीं। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने नोएडा में हुई गैंगवार में गैंगस्टर प्रवेश मान के भाई सूरज मान की हत्या करने वाले दो शूटरों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार शूटर कुलदीप और अब्दुल कादिर ने गैंगवार में सूरज मान की ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। शूटरों ने उसपर 18 गोलियां चलाई थीं। दोनों बदमाशों के पैरों में गोलियां लगी हैं। इनकी गोलियां से दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर समेत दो पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। इनके कब्जे से छह कारतूसों के साथ दो अत्याधुनिक स्वचालित पिस्तौलें बरामद की गई हैं।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि नोएडा में रहने वाला सूरज मान 19 जनवरी को घर के पास स्थित जिम जा रहा था। तभी तीन बदमाश मोटरसाइकिल पर आए और उस पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। आरोपियों ने कुल 18 गोलियां चलाईं थीं। इनमें से पांच सूरज मान को लगी थीं। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। मकोका मामले में जेल में बंद परवेश मान नीरज बवानिया गैंग का प्रमुख सदस्य है। परवेश मान और लॉरेंस बिश्नोई-गोगी गैंग के सदस्य कल्लू खेड़ा के बीच काफी समय से गैंगवार चल रही है और इन गैंगवार में काफी लोगों की मौत हो चुकी है।
परवेश मान ने 2019 में कल्लू के चाचा और 2022 में कल्लू के पिता की हत्या कर दी थी। इसके बदले कल्लू ने 2019 में परवेश के चचेरे भाई और उसकी भाई की हत्या कर दी थी। माना जा रहा है कि इन शूटरों की गिरफ्तारी से लॉरेंस बिश्नोई-गोगी गैंग की रीढ़ की हड्डी टूट गई है। आरोपी कुलदीप डकैती के एक मामले में शामिल रहा है और अब्दुल कादिर के खिलाफ चोरी के तीन मामले दर्ज हैं।
ऐसे गिरफ्तार किए गए शूटर
अपराध शाखा की एनडीआर ब्रांच के एसीपी उमेश बडथ्वाल व इंस्पेक्टर रामपाल को सूचना मिली थी कि लॉरेंस बिश्नोई- गोगी गैंग के कल्लू खेड़ा गिरोह के दो वांछित अपराधी और नोएडा में गैंगस्टर परवेश मान के भाई सूरज मान की हत्या करने अपने सहयोगियों से मिलने सराय कालेखां बस स्टाप के पास आएंगे। इसके बाद एसीपी उमेश उमेश बड़थ्वाल की देखरेख में इंस्पेक्टर रामपाल, इंस्पेक्टर योगेश कुमार, एसआई मुकेश, प्रमोद, अनिल व एएसआई नरेंद्र की टीम ने सराय काले खां बस स्टैंड के पास घेराबंदी कर वहां आए दोनों शूटर भजनपुरा निवासी कुलदीप व बिजनौर, यूपी निवासी अब्दुल कादिर को आत्मसमर्पण के लिए ललकारा। आरोपी शूटरों ने आत्मसमर्पण करने की बजाय पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। शूटरों ने पुलिस टीम पर कुल छह गोलियां चलाईं। बदमाशों की दो गोलियां इंस्पेक्टर योगेश कुमार को लगी, मगर बुलेट प्रूफ जैकेट पहने होने के कारण वह बच गए। एएसआई नरेंद्र भी बाल-बाल बच गया। जवाबी कार्रवाई में इंस्पेक्टर रामपाल की टीम ने भी पांच राउंड फायरिंग की। एक-एक गोली दोनों शूटरों के पैरों में लगी। दोनों को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दोस्त के जरिए कल्लू गिरोह में शामिल हुआ था
कुलदीप ने अपने दोस्तों को चाकू मार दिया था। इस मामले में ये जेल गया था। जेल में मुलाकात कादिर से हुई। कुलदीप के दोस्त ने उसे कपिल उर्फ कल्लू से मिलवाया और प्रतिद्वंद्वी गिरोह के सदस्य प्रवेश मान के भाई सूरज मान को मारने का काम दिया। परवेश मान ने कपिल उर्फ कल्लू के चाचा, पिता और उनके गिरोह के कई सदस्यों की हत्या कर दी थी। कपिल उर्फ कल्लू ने जेल से दोनों शूटरों को गैंगस्टर प्रवेश मान के भाई की हत्या करने का निर्देश दिया था।