फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट के इंतजार में सड़ते रहे दो शव
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शिकायत दर्ज कराने के लिए लोगों की जिंदगी ही थानों के चक्कर काटते नहीं बीतती। पुलिसिया लापरवाही के कारण दो शव बिना पोस्टमार्टम पीएम हाउस में सड़ते रहे। पुलिसकर्मी लावारिस शवों को दो दिन पहले पीएम हाउस में छोड़ गए थे लेकिन फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट नहीं बुलाया।
सीएमओ ने मामले की जानकारी एसएसपी को दी, जिसके बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। सेक्टर 94 स्थित पोस्टमार्टम हाउस से मिली जानकारी के मुताबिक सोमवार सुबह जेवर से एक लावारिस शव पुलिसकर्मी पोस्टमार्टम के लिए लाए थे। कुछ ही देर बाद बिसरख से एक और लावारिस शव पुलिसकर्मियों द्वारा पीएम हाउस में पहुंचा था।
मेडिकल स्टाफ के मुताबिक यह शव एक दिन पुराने थे। पोस्टमार्टम के लिए पहुंचे जिला अस्पताल के मेडिकल स्टाफ ने पुलिसकर्मियों से फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट बुलाने के लिए कहा। सोमवार बीत गया लेकिन फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट नहीं पहुंचा।
सरकारी निकम्मेपन का उदाहरण यह घटना
फ्रीजर और एसी खराब होने के कारण शवों की हालत बिगड़ने लगी। मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम मेडिकल स्टाफ ने सीएमएस डॉ. आरएनपी मिश्र को मामले की जानकारी दी। सीएमएस ने सीएमओ डॉ. आरके गर्ग को बताया। सीएमओ ने सूचना एसएसपी डॉ. प्रीतिंदर सिंह को दी, जिसके बाद मंगलवार शाम करीब पांच बजे फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट पीएम हाउस पहुंचा।
शव गल जाने के कारण वह फिंगर प्रिंट नहीं ले सका और यह जानकारी कागजों में लिख दी। गौतमबुद्ध नगर के सीएमओ डॉ. आरके गर्ग का कहना है कि पीएम हाउस के फ्रीजर खराब हैं। एसी भी काम नहीं कर रहा है। ऐसे में शव सड़ने लगते हैं। शव सड़ जाने से उनकी फोटो लेने से कोई लाभ नहीं रहता, क्योंकि उससे पहचान संभव नहीं होती।
भविष्य में यदि फॉरेंसिक जांच होती है, तो फिंगर प्रिंट जरूरी होते हैं। पहचान के लिए भी फिंगर प्रिंट जरूरी हैं। पुलिस की जिम्मेदारी है कि तुरंत फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट और फोटोग्राफर पीएम हाउस भेजे। एसएसपी डॉ. प्रीतिंदर सिंह कहते हैं, फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट फैजाबाद चुनाव ड्यूटी में है। सीएमओ से मामले की जानकारी मिलते ही एक फील्ड फिंगर एक्सपर्ट को पीएम हाउस भेज दिया गया था।