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प्रदूषण पर वार: सिक्किम की तर्ज पर दिल्ली में भी गोद ले सकेंगे पेड़, वन एवं वन्यजीव विभाग कर रहा नई नीति पर काम
Sat, 05 Mar 2022 09:28 PM IST
सुशील कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली
Published by: सुशील कुमार
Updated Sat, 05 Mar 2022 09:28 PM IST
सार
अधिकारी का कहना है कि पेड़ देने से पहले यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि वृक्षों को अपनाने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को इस क्षेत्र का अनुभव हो।
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पेड़
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी में अब सिक्किम की तर्ज पर लोग पेड़ों को गोद ले सकेंगे। दिल्ली सरकार का वन एवं वन्यजीव विभाग इस नीति पर काम कर रहा है। जल्द ही नई नीति को लेकर विभाग फैसला ले सकता है। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, विभाग एक ऐसी नीति पर काम कर रहा है, जिसके आधार पर कोई भी व्यक्ति या संस्था एक या इससे अधिक पेड़ को गोद ले सकेंगे। इस कदम का उद्देश्य संरक्षण व लोगों और प्रकृति के बीच संबंधों को मजबूत करना है।
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अधिकारी ने कहा कि विभाग उन पेड़ों की पहचान करने के लिए एक सर्वेक्षण भी करेगा जो बहुत पुराने हैं और जिन्हें देखभाल की भी जरूरत है। इसके लिए एक डाटा भी तैयार किया जाएगा। साथ ही योजना के तहत निवासी कल्याण संघों, बाजार संघों, स्कूलों, कॉलेजों, इको-क्लबों व गैर-सरकारी संगठनों आदि को ऐसे पेड़ों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
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अधिकारी का कहना है कि पेड़ देने से पहले यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि वृक्षों को अपनाने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को इस क्षेत्र का अनुभव हो। सिक्किम में सिक्किम फॉरेस्ट ट्री (एमिटी एंड रेवरेंस) नियम 2017, लोगों को औपचारिक रूप से एक पेड़ को अपनाने का अनुमति देता है। लोग किसी बच्चे के पैदा होने या फिर किसी अपने के गुजरने के बाद उसकी याद में भी पेड़ को लेकर उसकी देखभाल कर सकते हैं।
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