फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Treatment plant case: Police arrested three including plant incharge

ट्रीटमेंट प्लांट मामला: पुलिस ने प्लांट इंचार्ज समेत तीन को किया गिरफ्तार, ठेकेदार फिलहाल फरार, तलाश जारी

Fri, 01 Apr 2022 12:56 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: विक्रांत चतुर्वेदी Updated Fri, 01 Apr 2022 12:56 PM IST
सार

दल्लूपुरा सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में दो लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने लापरवाही बरतने और प्रतिबंध के बावजूद सीवर में उतरकर सफाई करने का मामला दर्ज किया था। मामले की छानबीन जारी है। 

विज्ञापन
Treatment plant case: Police arrested three including plant incharge
सीवर में दम घुटने से मौत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पूर्वी दिल्ली के न्यू अशोक नगर स्थित दल्लूपुरा सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में बुधवार शाम हुए हादसे के मामले में पुलिस ने प्लांट इंचार्ज समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इनकी पहचान प्लांट इंचार्ज केपी तिवारी, सुपरवाइजर राजकुमार और शिफ्ट इंचार्ज मोहम्मद हारून के रूप में हुई है। हादसे के बाद ठेकेदार आशुतोष मौके से फरार है। पुलिस की कई टीमें उनकी तलाश कर रही है।

विज्ञापन


दरअसल बुधवार को हुए हादसे में ठेकेदार के पास काम करने वाले अस्थाई कर्मचारी नितेश (25) और यशदेव (35) की मौत हो गई थी। दोनों गहरे सीवर के गढ्डे में वॉल की मरम्मत करने के लिए उतरे थे। इस दौरान जहरीली गैस की चपेट में आकर दोनों पानी में गिर गए, जिससे इनकी मौत हो गई थी। पुलिस ने दमकल कर्मियों के सहयोग से इनके शवों को बाहर निकाला। बृहस्पतिवार को शवों का पोस्टमार्टम कराकर शव परिवार के हवाले कर दिए गए।
विज्ञापन


पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त प्रियंका कश्यप ने बताया कि बुधवार शाम के समय यशदेव और नितेश गहरे गढ्डे में वॉल और मोटर की मरम्मत के लिए नीचे उतरे थे। इस दौरान शाम 5.00 बजे वह हादसे का शिकार हो गए। खबर मिलने के बाद मौके पर पुलिस के अलावा एंबुलेंस व दमकल की गाड़ियों को बुलाया गया। सीवर के गहरे गढ्डे में पानी मौजूद था। पहले उसके पानी को निकाला गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद दोनों को निकालकर एलबीएस अस्पताल ले जाया गया, जहां दोनों को मृत घोषित कर दिया गया। मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की गई। जांच के दौरान पता चला कि दोनों कर्मचारियों को बिना सुरक्षा उपकरणों के ही गहरे सीवर के गढ्डे में उतार दिया गया था। इसके लिए प्राथमिक रूप से ठेकेदार, प्लांट इंचार्ज, सुपरवाइजर और शिफ्ट इंचार्ज की लापरवाही पाई गई। मामला दर्ज कर तीन लोगों को फिलहाल गिरफ्तार कर लिया गया। बाकी ठेकेदार आशुतोष की फिलहाल तलाश की जा रही है।

घटना स्थल से क्राइम टीम के अलावा एफएसएल की टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं। बाकी कर्मचारियों के बयान लेकर मामले की जांच की जा रही है। बृहस्पतिवार को न्यू अशोक नगर थाना पुलिस ने लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल की मोर्चरी में दोनों कर्मचारियों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर शव परिवार के हवाले कर दिए। दोनों की मौत जहरीली गैस की वजह से हुई या सीवर के पानी में डूबने से इनकी जान गई, इसका खुलासा पीएम रिपोर्ट के बाद ही चल पाएगा। दूसरी ओर परिजनों का आरोप था कि प्लांट के अधिकारियों ने यदि लापरवाही न बरती होती तो दोनों युवक आज जिंदा होते। दोनों युवकों के परिवार ने सरकार से मुआवजा और सरकारी मदद की गुहार लगाई है।

दोषियों को मिले कड़ी से कड़ी सजा: परिजन
राजधानी में दो दिनों के भीतर सीवर की जहरीली गैस में दम घुटकर छह लोगों की जा चली गई। अक्सर देखा गया है कि सीवर की सफाई से जुड़े अधिकारी व ठेकेदार बेचारे मजदूरों को बिना सुरक्षा उपकरणों के सीवर में उतार देते हैं। ऐसे में वह हादसे का शिकार हो जाते हैं। दल्लूपुरा हादसे के बाद दोनों युवकों के परिजनों ने मांग की है कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। हादसे के बाद से दोनों युवकों के परिजनों का रोते-रोते बुरा हाल है। यशदेव की चार माह पूर्व ही शादी हुई थी जबकि नितेश अभी अविवाहित था। परिवार उसकी शादी की तैयारी कर रहा था।

यशदेव के रिश्तेदार राहुल ने बताया कि इसके परिवार में पिता गजे सिंह, मो ओमवती के अलावा पत्नी भावना व अन्य सदस्य हैं। चार माह पूर्व ही भावना और यशदेव की शादी हुई थी। घर में खुशी का माहौल था। अचानक एक हादसे ने पूरे परिवार की खुशियों को मिट्टी में मिला दिया। राहुल ने बताया कि यशदेव पिछले पांच साल से सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में काम कर रहा था। बुधवार सुबह करीब 7.30 बजे वह अपने गांव रटौल, लोनी, गाजियाबाद से प्लांट के लिए निकला था। 


इसके बाद देर शाम उसकी मौत की खबर परिवार को मिली। परिवार फौरन दल्लूपुरा पहुंचा। जहां से वह एलबीएस अस्पताल चले गए। पुलिस ने बृहस्पतिवार को परिवार को शव सौंप दिया। दूसरी ओर नितेश परिवार के साथ खासपुर, बुलंदशहर, यूपी में रहता था। इसके परिवार में पिता सत्येद्र कुमार, मां राजेश देवी और भाई विकास कुमार है। नितेश भी पिछले काफी समय से प्लांट में काम कर रहा था। इसकी मौत के बाद से परिवार का रोते-रोते बुरा हाल है। परिवार ने दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। पोस्टमार्टम के बाद नितेश का शव लेकर परिवार बुलंदशहर रवाना हो गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed