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Delhi: बवाना से हरियाणा बॉर्डर तक सिग्नल फ्री होगा सफर, तीन किमी लंबा बनेगा एलिवेटेड रोड
Wed, 13 Dec 2023 12:44 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Wed, 13 Dec 2023 12:44 AM IST
सार
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के मुताबिक, परियोजना का अध्ययन करने के लिए सलाहकार नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जरूरत का आकलन परियोजना के आर्थिक व पर्यावरणीय समेत दूसरे मानकों पर काम होगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर के बवाना-औचंदी मार्ग को सिग्नल फ्री करने की कवायद दिल्ली सरकार ने शुरू कर दी है। योजना करीब तीन किमी लंबा एलिवेटेड रोड बनाने की है। बवाना इंडस्ट्रियल एरिया से बवाना बस डिपो तक जाने वाले इस कॉरिडोर से दूसरी कई सड़कें भी जुड़ेंगी। इससे पूरे इलाके की आवाजाही आसान होगा। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के मुताबिक, प्रोजेक्ट का सलाहकार नियुक्त करने की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो गई है। रिपोर्ट के आधार पर प्रोजेक्ट से जुड़ी दूसरी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।
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औद्योगिक क्षेत्र और बॉर्डर का इलाका होने से बवाना-औचंदी रोड के साथ इससे जुड़ी सड़कों पर वाहनों का दबाव ज्यादा रहता है। व्यस्त समय में ज्यादातर सड़कें जाम रहती हैं। इससे मिनटों का सफर तय करने में घंटों का समय लग जाता है। स्थानीय निवासियों की लंबे समय से इलाके में फ्लाईओवर बनाने की मांग थी। इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए दिल्ली सरकार इस मार्ग पर एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने जा रही है। कॉरिडोर बवाना इंडस्ट्रियल एरिया (डीएसआईआईडीसी ऑफिस) से शुरू होकर बवाना बस डिपो के पास खत्म होगा।
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पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के मुताबिक, परियोजना का अध्ययन करने के लिए सलाहकार नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जरूरत का आकलन परियोजना के आर्थिक व पर्यावरणीय समेत दूसरे मानकों पर काम होगा। इसकी रिपोर्ट के आधार पर प्रोजेक्ट की डीपीआर बनाई जाएगी। फिर आगे टेंडर आदि से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी होंगी। उम्मीद है कि औपचारिकताएं एक साल में पूरी कर ली जाएंगी। इसके बाद जमीन पर काम शुरू होगा।
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इन इलाकों को होगा फायदा
एलिवेटेड रोड बनने से बाहरी दिल्ली से हरियाणा बॉर्डर तक पहुंचने में जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा। इससे रोहिणी सेक्टर-35, बरवाला, सुल्तानपुर डबास, पूठखुर्द, सेक्टर-3, बवाना, औचंदी गांव, बवाना जेजे कॉलोनी, नांगल ठकरान सहित कई इलाकों के लोगों को फायदा होगा।