पर्यटन विभाग के अधिकारी ने मृत कर्मचारी का कर दिया तबादला, छह साल पहले हुई थी मौत
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अंधेर नगरी चौपट राजा। विभाग की इस लापरवाही पर यह लोकोक्ति चरितार्थ हो रही है। इसे विडंबना कहें या व्यवस्था की संवेदनहीनता कि एक मृत कर्मचारी का तबादला कर दिया गया।
वह भी कोई एक या दो महीने के बाद नहीं, बल्कि पूरे छह साल बाद। दरअसल, होटल राजहंस में छह साल पहले तैनाती के दौरान जगदीश माली की मृत्यु हो गई थी।
अब मृतक को पर्यटन विभाग के प्रबंध निदेशक समीर पाल ने यादविंद्र गार्डन पिंजौर में तैनाती का फरमान जारी किया है। फरमान देखकर मृतक की विधवा अनारकली परेशान हैं।
जगदीश की छह साल पहले हो चुकी है मौत
चार मालियों की तबादला सूची में जगदीश के अलावा दो माह बाद सेवानिवृत्त होने वाले लकवाग्रस्त मामचंद का भी नाम है। फरमान मिलने के बाद मालियों के परिवार शुक्रवार सुबह पर्यटन विभाग की मुख्य संसदीय सचिव सीमा त्रिखा से मिले और उनसे तबादला रुकवाने की गुहार लगाई।
प्रबंध निदेशक समीर पाल ने 22 जून को चतुर्थ श्रेणी के चार मालियों के तबादले की सूची जारी की। इन तबादलों में चौंकाने वाली बात यह रही कि जगदीश नामक माली, जिसकी छह साल पहले मृत्यु हो चुकी है, उसका भी नाम शामिल है, जबकि जगदीश का नाम होटल राजहंस की पूर्व कर्मचारियों की सूची में शामिल हो चुका है।
इसके साथ-साथ दो माह बाद सेवानिवृत्त होने वाले लकवाग्रस्त मामचंद का भी तबादला कर दिया है। इस तबादले के बाद से विभाग के अधिकारी परेशान हैं, क्योंकि प्रबंध निदेशक को गुमराह करने वाले विभाग के अधिकारियों को अब गाज गिरने का डर सता रहा है।
माली है, लेकिन काम पेट्रोल पंप पर
बड़खल झील में कार्यरत स्वामी माली का भी तबादला पिंजौर किया गया है, लेकिन वह पिछले कई सालों से माली का काम छोड़कर बड़खल के पास स्थित पर्यटन विभाग के पेट्रोल पंप पर काम कर रहा है, जिसके कारण बड़खल लेक के आसपास पेड़ों और घास की काफी बुरी हालत है। इन सबकी स्थिति को ठीक करने के लिए मुख्य संसदीय सचिव ने अभियान की शुरुआत भी की थी, लेकिन कुछ फायदा नहीं हुआ।
15 साल से एक ही पद पर बरकरार
पर्यटन विभाग के होटल राजहंस में राजेश जून और बड़खल लेक व मैगपाई के इंचार्ज यूएस भारद्वाज पिछले 15 साल से एक ही पद पर बरकरार हैं। मालियों के विवादास्पद तबादले का मामला भी इन्हीं दोनों अधिकारियों के मोटल व होटल से जुड़ा है। 16 जून को यूएस भारद्वाज का तबादला होटल मैगपाई से कर दिया गया था, लेकिन अगले दिन ही यह फैसला रद्द कर दिया गया।
मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है। प्रबंध निदेशक से बात कर जवाब मांगा जाएगा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जो अधिकारी कई सालों से एक जगह काबिज है, उनकी सूची मांग कर तबादला किया जाएगा।
सीमा त्रिखा, मुख्य संसदीय, सचिव, पर्यटन विभाग