आप ने एसीबी पर उठाए बड़े सवाल
आम आदमी पार्टी (आप) ने सीएनजी फिटनेस घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक शाखा की भूमिका पर सवाल उठाया है। पार्टी का कहना है कि इस मामले में एसीबी ने जांच में 9 लोगों को दोषी पाया है।
लेकिन संदिग्ध भूमिका में नजर आए तीन अधिकारियों पर एसीबी चुप है। पार्टी के मुताबिक, पक्षपातपूर्ण होने के साथ एसीबी मामले में शामिल लोगों को बचाने की भी कोशिश कर रही है।
पार्टी नेता आशुतोष ने आरोप लगाया कि एसीबी ने दिल्ली सरकार के जांच आयोग से बचने व मुख्य दोषियों की बचाने के मकसद से आनन-फानन में चार्जशीट दाखिल की है।
उन्होंने कहा कि 2014 में एसीबी ने उपराज्यपाल को चिट्ठी लिखकर कहा था कि इस मामले की जांच रुकवाने का अधिकार उनके पास नहीं है। इतना ही नहीं, उस वक्त सीबीआई ने भी एसीबी का समर्थन किया था।
मीणा ने उपराज्यपाल को क्यों दी क्लीनचिट
आशुतोष ने सवाल किया कि वह कौन से कारण थे कि उपराज्यपाल ने सीबीआई की सलाह को भी दरकिनार किया। उन्होंने मामले में उपराज्यपाल की भूमिका संदिग्ध बताया और कहा कि इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
वहीं, आप दिल्ली प्रदेश संयोजक दिलीप पांडेय के मुताबिक, एसीबी के एमके मीणा कहते हैं कि उनकी जवाबदेही दिल्ली सरकार को नहीं हैं। बावजूद इसके वह एसीबी के पहले रुख को दरकिनार क्यों कर रहे हैं।
पांडेय ने सवाल किया कि वह कौन से कारण हैं कि मीणा ने सीएनजी फिटनेस घोटाले में उपराज्यपाल नजीब जंग को क्लीन चिट क्यों दी। उपराज्यपाल ने अभी तक इस मामले पर स्पष्टीकरण क्यों नहीं दिया है।
इसके अलावा कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार के मामलों की जांच में भाजपा रोड़ा अटका रही है। ऐसी कौन सी वजहें हैं, जिससे केंद्र की मोदी सरकार उपराज्यपाल व तत्कालीन कांग्रेस सरकार के काले कारनामों पर पर्दा डाल रही है।