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दिल्ली पुलिस चाहती है फिर से मिले लालबत्ती

Sat, 01 Nov 2014 11:08 AM IST
Updated Sat, 01 Nov 2014 11:08 AM IST
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To get back red light delhi police reached supreme court.

वैज्ञानिक तौर पर अपनायी गई रीत और विश्व भर के शोध का हवाला देते हुए दिल्ली पुलिस ने वर्दीवालों को लालबत्ती लौटाए जाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। नीली बत्ती के उपयोग से नाखुश पुलिस ने सर्वोच्च अदालत से उसके फैसले में बदलाव की मांग की है।

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दिल्ली पुलिस ने कहा कि वाहनों में लाल बत्ती का इस्तेमाल शान-शौकत या रौब झाड़ने के लिए नहीं बल्कि चेतावनी तथा सतर्क रहने के लिए किया जाता है। चूंकि लाल रंग बहुत दूर तक देखा जा सकता है। इसलिए लाल बत्ती की भेदन क्षमता को देखते हुए इसका इस्तेमाल किया जाता है।

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लालबत्ती लगाने पर है सुप्रीम कोर्ट की रोक

To get back red light delhi police reached supreme court.

सुप्रीम कोर्ट ने लगभग ग्यारह माह पहले दिए आदेश में कहा था कि वर्दीधारक पुलिसकर्मी या सैन्यकर्मियों के वाहन, एम्बुलेंस सेवाओं के वाहन, अग्निशमन की गाड़ियां, इमरजेंसी सेवाओं के लिए निर्धारित अन्य वाहन, पुलिस वाहन, सुरक्षा में लगे एस्कॉर्ट और पायलट वाहन लाल बत्ती नहीं लगा सकेंगे।

लाल बत्ती की जगह नीली, सफेद या रंग-बिरंगी बत्ती का इस्तेमाल किया जाए। दिल्ली पुलिस ने कहा कि लाल बत्ती की जगह वाहनों पर नीली, सफेद या रंग-बिरंगी बत्ती लगाने का सुप्रीम कोर्ट का दस दिसंबर, 2013 का आदेश तर्कसंगत नहीं है।

याचिका पर सुनवाई के दौरान भी लाल रंग को लेकर कोई तर्क-वितर्क नहीं हुआ था। पुलिस, सेना, एम्बुलेंस और अग्निशमन वाहनों में लाल बत्ती का इस्तेमाल लोगों को सतर्क तथा चौकन्ना करने के लिए किया जाता है।

सबसे अधिक प्रभावी होती है लालबत्ती

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दिल्ली पुलिस ने भौतिक शास्त्र की रेले थ्योरी का उदाहरण देकर कहा कि लाल प्रकाश की रेडियो तरंग अधिकतम होती है। यानी लाल बत्ती की प्रबलता सभी रंगों में सर्वाधिक है। रात का समय हो या धुंध और कोहरे का वक्त, जगमगाती लाल बत्ती दूर से ही दिख जाती है।

दूसरी तरफ, नीली बत्ती की रेडियो तरंग बहुत कम होती हैं और उसकी भेदन क्षमता भी बहुत कम होती है। इसकी विजिबिलटी ज्यादा दूर तक नहीं होती। पुलिस और सशस्त्र सेना के वाहन सदियों से लाल बत्ती का इस्तेमाल करते आ रहे हैं। कानून-व्यवस्था को कायम रखने में इसका व्यापक प्रभाव पड़ता है।

दिल्ली पुलिस के उपायुक्त जीएस अवाना ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि वह अपने आदेश में संशोधन करे ताकि पुलिस की गाड़ियों में लाल बत्ती का उपयोग निर्बाध रूप से जारी रह सके। लाल बत्ती रौब गालिब करने का हथियार नहीं बल्कि कामकाज में सुविधा पहुंचाने का माध्यम है।

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विदेशों में भी होता है लालबत्ती का प्रयोग

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दिल्ली पुलिस ने दुनिया के अन्य देशों का भी उदाहरण दिया है जहां पुलिस, एम्बुलेंस सहित अन्य इमरजेंसी सेवाओं के लिए लाल बत्ती का प्रयोग किया जाता है। जापान में भूकंप तथा अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में इस्तेमाल होने वाले सभी वाहनों पर लाल बत्ती घूमती है।

नई गाड़ियों में लंबी छड़ वाली लाल बत्ती का भी इस्तेमाल किया गया है। न्यूजीलैंड में लाल बत्ती वाले इमरजेंसी गाड़ियों के लिए वाहन चालक तुरंत रास्ता देते हैं। दक्षिण कोरिया, अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और हांगकांग में पुलिस और एम्बुलेंस में लाल बत्ती ही लगाई जाती है।

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