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नई दिल्लीः ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगाने के मामले की जांच को कोर्ट ने दी मंजूरी

Sun, 26 Jan 2020 06:33 AM IST
संजीव कुमार झा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Sun, 26 Jan 2020 06:33 AM IST
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tis hazari Court approves investigation into allegations of EVM disturbances
सांकेतिक तस्वीर

तीस हजारी अदालत ने शनिवार को पुलिस को उस व्यक्ति के खिलाफ जांच की अनुमति दे दी जिसने कथित तौर पर सोशल मीडिया पर ईवीएम/वीवीपैट के डेमो के दौरान मतगणना में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। शख्स ने दावा किया था कि विधानसभा चुनाव से पहले उसके इलाके में ईवीएम/वीवीपैट को डेमो के लिए लाया गया था। लोगों ने मतदान प्रक्रिया के बारे में जाना, लेकिन ईवीएम में डाले गए वोट और मतगणना के परिणाम में अंतर पाया गया।

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मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अभिलाष मल्होत्रा ने इस मामले में जांच करने के लिए सब्जी मंडी थाने के प्रभारी को अनुमति दे दी है। पुलिस ने मामले की शिकायत मिलने पर जांच के लिए अदालत से अनुमति मांगी थी। चूंकि अपराध दंड प्रक्रिया संहिता के मुताबिक कोई भी पुलिस अधिकारी गैर संज्ञेय अपराध में दंडाधिकारी, जिसके पास ऐसे मामलों की सुनवाई का अधिकार है, की अनुमति के बिना किसी भी मामले की जांच नहीं कर सकता है।
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उल्लेखनीय है कि यह मामला दिल्ली के तिमारपुर मतदान केंद्र के कनिष्ठ सहायक शम्मी कुमार की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया। कुमार ने अपनी शिकायत में कहा कि वह  विधानसभा चुनाव से पहले ईवीएम/वीवीपैट के प्रति जागरूकता के लिए डेमो देने गए थे। उन्होंने कहा कि आरोपी ने डेमो के दौरान तीन मत डाले और गिनती में पांच मत आए। दो लोगों ने पहले मतदान किया था। इसकी जानकारी उसे दी गई लेकिन वह नहीं माना और घटना का वीडियो बना लिया।
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इसके बाद पंडित नामक उस व्यक्ति से दोबारा मतदान कराया गया और सही नतीजे आए। इसके बावजूद उस व्यक्ति ने गलत आरोप लगाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया।


इसके बाद कुमार ने भारतीय दंड संहिता की धारा 186 (सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी करने से रोकना), धारा 177 (गलत सूचना फैलाना) और 505 (1) (अफवाह फैलाना) के तहत मामला दर्ज किया गया। अब पुलिस इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर डाली गई वीडियो की जांच के साथ आरोप लगाने वाले शख्स से पूछताछ करेगी।

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